यूपी के बागपत में आरटीआई कार्यकर्ता एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि नोटबंदी के दौरान पुराने नोटों को नहीं बदला गया है। 2.1 करोड़ रुपये भेजे गए गए थे, जबकि 16.50 लाख ही वापस हुए। वहीं बागपत डाक घर में 27.66 लाख रुपये ही बदले गए। इसका खुलासा आईटीआई से हुआ है।
एडवोकेट पवन तिवारी ने बताया कि नोटबंदी के दौरान बैंक और पोस्ट ऑफिस में बड़ी धांधली हुई। उन्होंने अग्रवाल मंडी टटीरी और बागपत पोस्ट ऑफिस में नोटबंदी के दौरान बदली गई धनराशि के बारे में सूचना मांगी थी। टटीरी पोस्ट ऑफिस में पूर्ण सूचना उपलब्ध नहीं मिली। उन्होंने बताया कि आठ नवंबर से 31 दिसंबर तक की सूचना मांगी थी, जबकि 11 नवंबर से 24 नवंबर तक की सूचना दी गई, बाकी रिकॉर्ड नहीं मिला। जानकारी दी की पोस्ट ऑफिसर में नोटबंदी में नोट नहीं बदले गए है जबकि दो करोड़, एक लाख 19 हजार रुपये प्राप्त हुए थे। 16 लाख 50 हजार रुपये ही वापस किए गए जो पुराने नोट थे। यह ही हाल बागपत पोस्ट ऑफिस का रहा। जिले का मुख्य डाकघर होने के बावजूद 27 लाख 66 हजार 500 रुपये ही बदले गए। जबकि आठ नवंबर से 31 दिसंबर तक तीन करोड 56 लाख रुपये का भुगतान किया गया जबकि यहां पर नई करेंसी थी ही नहीं। उन्होंने बताया कि नोट बदलने में गड़बड़ी की गई है। उन्होंने केंद्रीय सूचना आयोग में इसकी जांच के लिए अपील कर दी है।
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