एसडीएम कुंवर बहादुर सिंह, तहसीलदार कमलेश कुमार, नायब तहसीलदार अमित कुमार ने राजस्व टीम के साथ क्षेत्र का दौरा किया। नदी का जलस्तर बढ़ने से टीकम सिंह, बालक राम, प्रीतम, अमित कुमार सहित सैनी बस्ती के कई लोगों के मकान में पानी प्रवेश करने से घर का समान भीग गया।
कछियाना क्षेत्र से हाईवे स्थित मालन नदी के पुल तक सब्जी बोने का काम किया जाता है। मालन नदी के जलस्तर के बढ़ने से सब्जी को भी नुकसान पहुंचा है। एसडीएम ने बताया कि स्थिति पर निगाह रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र के लोगों को अन्यत्र स्थानांतरित करने के लिए भी स्थान चिह्ति कर लिया गया है।
उधर, वीरूवाला बढ़िया मथुरापुर मोर क्षेत्र में मालन नदी के अतिरिक्त कोटावाली और सुकरो नदी का भी जलस्तर बढ़ने से आसपास के क्षेत्र में मिट्टी का कटान हुआ है। पहाड़ों पर हुई तेज बारिश के कारण धारा नदी में आई बाढ़ से घासीवाला आदि गांवों में पानी आ गया। जिससे में घरों और खेतों में पानी आ जाने से फसल भी पानी में डूब गई। नदी में पानी आने की सूचना इस अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड धामपुर/अफजलगढ़ कंट्रोल रूम को दे दी गई है।
धारा नदी में पानी बढ़ जाने से गांव में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। भयभीत ग्रामीणों ने परियोजना के तहत अभिलंब बांध निर्माण व पीचिंग लगवाए जाने की मांग की है। ग्रामीण पूर्व ब्लाक प्रमुख पति मलकीत सिंह, दरबारा सिंह, सतनाम सिंह, गुरमेज सिंह, निर्मल सिंह, नानक सिंह गुरनाम सिंह, सुखदेव सिंह आदि का कहना है कि इस धारा नदी से गत कई वर्षों से ग्राम घासीवाला आदि गांवों में आबादी में पानी आ जाने से भारी नुकसान हो रहा है।
सिंचाई विभाग से बार-बार मांग के बावजूद में बचाव कार्य के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। यदि समय रहते कोई बचाव एवं सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त नहीं किए गए तो ग्रामीण आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने तत्काल बाढ़ से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा की मांग की है। मालन नदी के उफान में फंसे 15 सदस्यों को प्रशासन ने सकुशल बाहर निकाला। नदी का जलस्तर बढ़ने से छत पर चढ़कर जान बचाई। एसडीएम और सीओ के देखरेख में रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।