दंगल में अभ्यास करती शगुन और वेदी
- फोटो : अमर उजाला
शुरुआती दिनों में तो शगुन और वेदी को पिता का बदलता हुआ रुख बिल्कुल पसंद नहीं आया, लेकिन धीरे-धीरे दोनों ने पिता के सपने को ही अपना भविष्य बनने की राह बना ली। दोनों बहनों को अभ्यास के लिए अमित ने गांव में ही अखाड़ा भी तैयार कर दिया। जहां गांव के ही पहलवान एहसान हाशमी दोनों बहनों को पहलवानी के गुर सिखाने में जुटे हैं।
तीन दंगल लड़ चुकी है शगुन
गांव हसनपुर लुहारी में 12 अप्रैल से दंगल शुरू होने जा रहा है, जिसमें दूर दराज से भी पहलवान हिस्सा लेंगे। उसमें वेदी पहली बार अखाड़े में उतरेगी। जबकि शगुन पूर्व में हुए कई दंगल में प्रतिभा दिखा चुकी है। कुछ दिन पूर्व भैसानी गांव, चरथावल और गंगोह में शगुन ने शानदार प्रदर्शन किया।
तीसरी बेटी को भी बनाऊंगा पहलवान
अमित सैनी का कहना है कि शगुन और वेदी ही नहीं, बल्कि वह अपनी तीसरी बेटी को भी पहलवान बनाना चाहते हैं। अमित ने बताया कि अगले साल शगुन को मेरठ भेजकर मैट पर कुश्ती खेलने का अभ्यास दिलाने का प्रयास करूंगा, ताकि वह पहलवानी में आगे बढ़ सके।
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