लेनदेन के विवाद में शुक्रवार की रात गांव पंजोखरा के ग्राम प्रधान की धारदार हथियारों से वार कर हत्या कर दी गई। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देकर हत्यारोपी फरार हो गए। इस हत्याकांड के विरोध में ग्रामीणों ने हंगामा कर दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर जाम लगाने की कोशिश की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाबुझाकर उनके गुस्से को शांत किया। इस मामले में ग्राम प्रधान के तहेरे भाई तथा उसके साले को नामजद किया गया है। पुलिस ने कहा इस मामले की छानबीन के बाद आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के मुताबिक कांधला क्षेत्र के गांव पंजोखरा के प्रधान जयवीर उर्फ नीटू (27) ने अपना पुराना मकान ताऊ के बेटे श्रवण को छह लाख रुपये में बेच दिया था। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर अपने नए मकान का निर्माण शुरू करा दिया था। मकान निर्माण में रुपयों की जरूरत के चलते वह श्रवण से अपने रुपये मांग रहा था, जबकि वह रुपये देना नहीं चाहता था। इसको लेकर विवाद चल रहा था। प्रधान जयवीर रात में अपने निर्माणाधीन मकान पर ही सोता था, जबकि परिवार के अन्य सदस्य उसी पुराने मकान में रह रहे थे। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात किसी समय आरोपी श्रवण ने सहारनपुर जिले के मनानी निवासी आनंद के साथ नए मकान पर पहुंचा। आरोपियों ने जयवीर की गर्दन और सिर पर धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। शनिवार सुबह होने पर खेत में जा रहे कुछ ग्रामीण प्रधान के मकान पर पहुंचे, तो वहां चारपाई पर शव पड़ा देखकर हतप्रभ रह गए। ग्राम प्रधान की हत्या की सूचना मिलते ही सैकड़ों लोग एकत्र हो गए तथा परिजन भी वहां पहुंच गए।
हत्या की सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक जगदीश शर्मा, सीओ कैराना गजेंद्रपाल सिंह तथा कांधला थाना प्रभारी उमेश रोरिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा, तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। दिल्ली-सहारनपुर मार्ग पर जाम लगाने की कोशिश की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौके पर डॉग स्क्व़ॉड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम बुलाई जाए और हत्यारोपियों की तत्काल गिरफ्तार किया जाए। एएसपी के आश्वासन दिए जाने के बाद ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। बाद में ग्राम प्रधान के भाई जयकरण ने आरोपी श्रवण तथा उसके साले आनंद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हत्याकांड की जांच करने डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची। टीम ने छानबीन शरू की तो केस की कलई खुलती चली गई। मौके पर मिले खून के धब्बे को सूंघने के बाद डॉग स्कवायड मकान के पीछे स्थित खेत के रास्ते एक चकरोड से आरोपी श्रवण के मकान तक पहुंच गया। रास्ते में कई स्थानों पर खून के धब्बे दिखाई दिए, जिससे स्थिति काफी हद तक स्पष्ट नजर आई।
हमें पाकिस्तान भेज दो, यहां इंसाफ नहीं मिलेगा
जांच पूरी होने के बाद भी पिता राजेंद्र ने प्रधान जयवीर का शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं जाना दिया। परिवार की महिलाओं ने उनका साथ दिया। पिता ने चीख-चीखकर कहा कि यहां की कानून व्यवस्था में दम नहीं है, इस हाल में हम कैसे जिएं, हमे पाकिस्तान भेज दो हमारी जगह शायद अब वहीं है। वहीं, परिवार की महिलाओं ने आरोपियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की। करीब आधे घंटे के प्रयास के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भिजवाया। प्रधान की निर्मम हत्या की गई। हत्यारों ने प्रधान के सिर में धारदार हथियार से अनगिनत वार किए। प्रधान के कटे हुए सिर को देखकर यह लग रहा था कि हत्यारोपियों ने उस पर तब तक वार किया जब तक प्रधान ने दम नहीं तोड़ दिया। इससे प्रधान का चेहरा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका था, तथा पहचान में भी नहीं आ रहा था। ग्राम प्रधान चुनने के बाद जयवीर उर्फ नीटू ने गांव के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य कराए। ग्राम समाज की भूमि से अवैध कब्जे चिन्हित कराए तथा अवैध कब्जे हटवाने का अभियान भी चलाया था। इसको लेकर ग्राम प्रधान जयवीर लगातार सुर्खियों में बना था और गांव में उसकी लोकप्रियता बढ़ रही थी। ग्रामीणों के मुताबिक जयवीर भी अविवाहित था। वह कहता था कि गांव का विकास कराना ही मेरा मकसद है। अवैध कब्जो से मुक्त कराई गई भूमि पर वह गांव के गरीबों को आवास बनवाकर देने के लिए भी प्लानिंग कर रहा था।
शराब, विश्वासघात और फिर कत्ल
प्रधान के घर के बाहर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
ग्राम प्रधान जयवीर उर्फ नीटू की हत्या बेहद भरोसे में लेकर की गई। हत्यारोपी श्रवण के परिवार से जयवीर के परिवार की पुरानी रंजिश चल रही थी। बावजूद इसके चुनाव के दौरान मददगार बनकर श्रवण ने भरोसा कायम कर लिया था और हम प्याला दोस्त भी हो गए थे। मगर मकान बेचने के विवाद में यह भरोसा चकनाचूर हो गया और श्रवण ने जयवीर की हत्या कर दी। हत्या की वजह बेशक रुपयों के लेनदेन की रही है, लेकिन कत्ल एक बार फिर भरोसे का ही हुआ। कांधला क्षेत्र के गांव पंजोखरा का प्रधान जयवीर उर्फ नीटू के ताऊ का लड़का श्रवण ज्यादातर उसके साथ ही रहता था। प्रधान के चुनाव में जनसंपर्क से लेकर हर कदम पर श्रवण साथी बना रहा था। जिससे नीटू का भरोसा उस पर बढ़ गया था। अक्सर दोनों घेर में बैठकर शराब पीते थे। नीटू को ताऊ के लड़के श्रवण पर इतना भरोसा हो गया था कि उसने दोस्ती में अंधा होकर पिता की नसीहत को ही दरकिनार करना शुरू कर दिया था। नीटू की हत्या के लिए हत्यारोपियों ने सुनियोजित प्लान बनाया। शुक्रवार रात निर्माणाधीन मकान में बैठाकर शराब पी और उसको भी पिलाई। जब नीटू शराब के नशे में हो गया तो हत्यारोपियों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी।
काश पिता की बात मान लेता जयवीर
हत्यारोपी श्रवण के परिवार की जयवीर उर्फ नीटू के परिवार से पुरानी रंजिश है। बताया जाता है कि श्रवण के परिवार ने कई साल पूर्व नीटू के पिता राजेंद्र पर धारदार हथियार से हमला किया और गड्ढा खोदकर उसे दबाने की साजिश रची थी, लेकिन किसी तरह राजेंद्र बच गया था। अब नीटू के साथ श्रवण की नजदीकी बढ़ने से पिता राजेंद्र को चिंता थी। उसने कई बार नीटू को समझाया था कि श्रवण पर ज्यादा भरोसा मत कर, लेकिन नीटू ने पिता की बात पर भरोसा नहीं किया।
पूर्व में कई बार हो चुका भरोसा का कत्ल
भरोसे और दोस्ती के बीच हत्या की वारदातें पूर्व में भी जिले में कई बार हो चुकी हैं। मई 2016 में शामली निवासी रोहन की हत्या उसके दोस्त रितिक और गौरव ने कर दी थी। कांधला के नई बस्ती निवासी सोनू की हत्या उसके दोस्त रवि आदि ने करने के बाद शव बुढ़ाना क्षेत्र में ले जाकर गड्ढे में दबा दिया था। इसके अलावा डेढ़ साल पूर्व कैराना के मुकरीम की हत्या भी उसके दोस्तों ने घर से ले जाकर कर दी थी और शव जोहड़ में डाल दिया था। वहीं, झिंझाना क्षेत्र के गांव रंगाना निवासी गौरव की हत्या में भी उसके दोस्तों का नाम प्रकाश में आया था।