कस्बे के इस्लामपुर घसौली मार्ग निवासी हाजी इस्लाम के पुत्र हाफिज खालिद की शादी मोहल्ले के ही शकील अंसारी की पुत्री फरीन के साथ तय हुई थी। लड़की पक्ष के द्वारा शादी की तैयारी धूमधाम के साथ की गई। बुधवार की शाम बरात पहुंचने पर घरातियों ने बरातियों का जोरदार स्वागत किया।
जैसे ही बरात लड़की पक्ष के घर पहुंची तो डीजे बजा दिया गया। जिस पर युवा खूब डांस करते रहे। जैसे ही लड़का पक्ष निकाह पढ़वाने के लिए मुफ्ती के पास पहुंचे तो मुफ्ती ने डीजे बजाने से नाराजगी जताते हुए निकाह पढ़ाने से इनकार कर दिया।
मुफ्ती के निकाह पढ़ाने से इनकार करने को लेकर हंगामा खड़ा हो गया। दूल्हा और दुल्हन पक्ष के द्वारा मुफ्ती की काफी खुशामद मिन्नत की गई लेकिन उन्होंने निकाह पढ़ाने से इनकार कर दिया।
बाद में दूल्हा और दुल्हन पक्ष के द्वारा कई अन्य उलेमाओं के पास जाकर निकाह पढ़ाने की अपील की लेकिन अन्य उलेमाओं ने भी निकाह नहीं पढ़ाया। करीब तीन घंटे बाद भविष्य में किसी भी शादी में डीजे नहीं बजाने और डीजे को हटाने की शर्त पर मुफ्ती ने निकाह पढ़ाया।
मुफ्ती का कहना है कि शादी में डीजे बजाने से ध्वनि प्रदूषण बढ़ता है। जिसके चलते हृदय घात की बीमारी से पीड़ित लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार जलसों में भी लोगों से अपील की जा चुकी है कि शादी सहित किसी भी प्रोग्राम में डीजे का प्रयोग नहीं किया जाए। निकाह के बाद दूल्हन को दूल्हे के साथ रवाना किया गया।