आकर्षक बनाने के लिए मिलाए जाते हैं रंग
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शिव कुमार ने बताया कि खाद्य पदार्थों में खतरनाक रंगों की मिलावट इसलिए की जाती है ताकि वे चमकदार और रंगीन लगें, जिससे लोग उन्हें खरीदने के लिए आकर्षित हों।
पिछले चार साल में हुई यह कार्रवाई
साल जुर्माना
2021-22 38.10 लाख
2020-21 45.98 लाख
2019-20 70.88 लाख
2018-19 60.73 लाख
इन स्थानों से लिए गए थे सैंपल
किठौर, इंचौली, सदर, कंकरखेड़ा, जयदेवी नगर, अजंता कालोनी, खरखौदा, सुभाष नगर, सरधना, रोहटा, मवाना, हापुड़ अड्डा, जागृति विहार, जाकिर कालोनी, सर्वोदय नगर, दिल्ली रोड, हापुड़ अड्डा, शास्त्रीनगर, मोदीपुरम, खतौली आदि स्थानों से लिए गए।
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मिलावटखोरों पर नहीं कसा जा रहा शिकंजा
लचर प्रशासनिक कार्यप्रणाली के चलते मिलावटखोरों पर पूरी तरह से शिकंजा नहीं कसा जाता है। मिलावट के लगभग सभी मामलों में जुर्माना लगता है। सजा नहीं हो पाती है। जिले में पिछले पांच साल में सजा का कोई मामला नहीं है। शायद यही वजह है कि मिलावट के शक में कार्रवाई के बाद भी वही स्थिति हो जाती है।
हालांकि, न्यायालय से मिलावट के मामलों में अलग-अलग धाराओं में छह माह से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है, लेकिन ज्यादातर मामले न्यायालय की जगह प्रशासनिक कोर्ट में भेज दिए जाते हैं, जहां पर मिलावटखोर केवल जुर्माना भरकर छूट जाते हैं। इस कार्रवाई में भी लंबा वक्त बीत जाता है और मिलावटखोर खुलेआम तब तक अपना धंधा चमकाने में जुटे रहते हैं।
मिलावट से हो सकते हैं गंभीर रोग
फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि मिलावट से गंभीर किस्म के रोग हो सकते हैं। सबसे ज्यादा किडनी को नुकसान पहुंच सकता है और पेट संबंधी कई रोग हो सकते हैं। रंगों की मिलावट और अखाद्य पदार्थों से बने खाद्य पदार्थ स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। इनके सेवन से खतरनाक बीमारी हो सकती हैं।