आजादी का अमृत महोत्सव के लिए लोगों को जागरूक करने मेरठ पहुंचे प्रदेश के खेल, युवा और पंचायती राज राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी मंगल पांडे के बलिदान स्थल में उलझ गए। शहीद स्मारक के स्तंभ पर 1857 की क्रांति के 85 सैनिकों की सूची देख मंत्री ने अफसरों से पूछा कि इसमें मंगल पांडे का नाम क्यों नहीं है। किसी ने धीरे से बताया कि 85 सैनिकों में मंगल पांडे शामिल नहीं थे तो मंत्री ने मोबाइल पर गूगल सर्च करना शुरू कर दिया।
पंचायती राज अधिकारी रेनू श्रीवास्तव, युवा कल्याण अधिकारी सलोनी, अपर मुख्य अधिकारी एस. के गुप्ता, परियोजना अधिकारी डीआरडीए मोतीलाल व्यास भी मंत्री के साथ करीब दस मिनट तक गूगल पर मंगल पांडे नगर का मेरठ से नाता खोजते रहे। अचानक सभी ने एक स्वर में कहा कि गूगल बता रहा है कि मंगल पांडे को बंगाल के बैरकपुर में आठ अप्रैल 1857 को फांसी दी गई थी, जबकि मेरठ की क्रांति 10 मई को हुई थी। हालांकि, इसके बाद मंत्री उपेंद्र तिवारी ने शहीद स्मारक स्थल पर ही मंगल पांडे की प्रतिमा पर उनके बलिदान स्थल के बारे में जानकारी लेकर पुष्प अर्पित कर नमन किया।
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यूपी में कम हैं पेट्रोल के रेट
पेट्रोल की बढ़ती कीमतों पर मंत्री उपेंद्र तिवारी ने कहा कि यूपी में रेट सबसे कम हैं। कांग्रेस सबसे अधिक चिल्लाती है लेकिन राजस्थान में पेट्रोल 112 और केजरीवाल की दिल्ली में 107 रुपये पेट्रोल है। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल 103 रुपये लीटर है। इससे पहले भी मंत्री उपेंद्र ने कहा था कि 95 प्रतिशत लोग पेट्रोल-डीजल का उपयोग नहीं करते हैं।
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पहले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का लिया नाम, फिर दी सफाई
वहीं, मंत्री ने स्वच्छता का संदेश देते हुए कहा कि मोदी और योगी के सपनों को साकार करना है। वहीं, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और मनमोहन सिंह के सपनों को भी स्वच्छता के जरिए साकार करना है। हालांकि, बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि सभी प्रधानमंत्रियों और बलिदानियों के सपनों को पूरा करना है। इसके अलावा बीच कार्यक्रम में अचानक बिजली जाने पर मंत्री ने कहा कि जर्जर तार होगा तो बिजली तो जाएगी ही। उन्होंने कहा कि 40-45 वर्षों से बिजली तार बदले ही नहीं गए। वहीं, उन्होंने अखिलेश के 400 सीट वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि तीन सीटें क्यों छोड़ रहे हैं। अखिलेश सीधा बोल दें कि 403 सीटें जीत रहे हैं।