मेरठ में महिला जिला अस्पताल में आशाओं ने गुरुवार को जमकर हंगामा किया। आरोप है कि 21 सितंबर को स्टाफ नर्स और गार्ड ने एक आशा के साथ अभद्रता की। थप्पड़ मारा। इसकी शिकायत दिल्ली गेट थाने और जिलाधिकारी से की गई थी, मगर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके विरोध में उन्होंने हंगामा किया। अस्पताल की एक गेट पर ताला भी लगा दिया।
टीपीनगर निवासी आशा कार्यकर्ता सोनिया का कहना है कि महिला जिला अस्पताल में स्टाफ नर्स और गार्ड डिलीवरी के बाद मरीजों से पैसे मांगते हैं। आशाओं के अलावा मरीजों के तीमारदारों से इलाज और प्रसव के नाम पर पैसे मांगती है।
यह भी पढ़ें:
चर्चा: मौलाना कलीम की गिरफ्तारी के बाद सुर्खियों में आईं सना खान, बोल्डनेस को छोड़ अपनाया बुर्का, हैरान कर देंगी बदलाव की तस्वीरें
अस्पताल स्टाफ और गार्ड पर लगाए गंभीर आरोप
अस्पताल प्रशासन से शिकायत करते हैं, मगर सुनवाई नहीं हुई। आशा ने स्टाफ द्वारा थप्पड़ मारने, जातिसूचक शब्द कहने का आरोप भी लगाया है। आशाओं के अलावा कुछ तीमारदारों ने भी स्टाफ नर्स और गार्ड के खिलाफ पैसों के लेन-देन की शिकायत की है।
अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ मनीषा अग्रवाल का कहना है कि पैसे मांगने का आरोप बेबुनियाद है। यहां पैसे नहीं लिए जाते हैं। प्रसव वार्ड में आशा को एंट्री नहीं दी गई थी। इसे लेकर विवाद हुआ था, दोनों पक्षों को बुलाकर बात की जा रही है। पुलिस को भी बुलाया गया है।