इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इसके बावजूद भी कॉलेज का मुख्य द्वार का ताला नहीं खोला गया। इस बीच पुलिस कॉलेज के प्रिंसिपल से लगातार फोन पर संपर्क करती लेकिन प्रिंसिपल ने फोन नहीं उठाया। पुलिस ने काफी देर तक कोशिश करने के बाद गेट पर मौजूद चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों से बात कराने के लिए कहा। इसके बाद भी मुख्य द्वार का ताला नहीं खोला गया।
वहीं, घंटों चले इस ड्रामा के बाद पीड़ित शिक्षक अरुण कुमार मुख्य द्वार की ओर आ गया। शिक्षक ने पुलिस को बताया कि प्रधानाचार्य ने सुबह प्रार्थना के समय उसके साथ अभद्र गालियों का प्रयोग किया। स्कूल के पूरे स्टाफ और बच्चों के सामने उसकी बेज्जती की गई, जिससे उसका बीपी बढ़ गया।