वहीं, धरने के दो घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सपा कार्यकर्ताओं से धरने से उठने के लिए कहा। लेकिन सपा कार्यकर्ता धरने पर बैठे रहने की जिद पर अड़े रहे। इसके बाद सरदार नरवेर सिंह और थाना पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। वहीं, सपा नेता किशोर टांक ने कहा कि उनका धरना पहले से ही प्रस्तावित था, जिसकी भनक भाजपा नेताओं को थी और उनके इशारे पर ही इस धरने को सफल नहीं होने दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि थाना पुलिस भाजपा नेताओं के इशारे पर काम कर रही है।
इसके बाद सपा कार्यकर्ताओं ने एसडीएम मवाना से फोन कर संपर्क किया, लेकिन एसडीएम ने तहसील समाधान दिवस में होने की बात कहते हुए ज्ञापन देने के लिए कहा। इसके बाद सपा कार्यकर्ता और किसान-मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर तहसील में पहुंचे। वहां उन्होंने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन एसडीएम अखिलेश यादव को दिया।