चोरी का बनाया था बहाना
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा एपी मिश्रा के अनुसार इमरान की दो बीवियां गुलशन व चांदनी वर्तमान में क्षेत्र के शोभापुर में रह रही थीं। लूट के बाद सारा सोना इमरान ने दोनों को रखने के लिए दे दिया था। लेकिन दोनों ने 12 जुलाई को सोना इमरान के रिश्तेदार महबूब पुत्र हकीम निवासी शोभापुर को देने के साथ पुलिस को सूचना दे दी कि उनके घर चोरी हो गई। जिसमें चोर घर में से करीब 35 तोला सोना चोरी करके ले गए।
सूचना पर योगीपुरम चौकी इंचार्ज राजकुमार मौके पर पहुंचे थे। जिन्होंने जांच के बाद महबूब को हिरासत में लेकर पूछताछ कर करीब छह तोला सोना बरामद किया था। बाकी सोना बरामद नहीं हुआ था।
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वहीं, फरीदाबाद पुलिस को महबूब के पकड़े जाने और सोना बरामदगी का पता चला तो उसने बाकी सोने के बारे में महबूब से पूछा। महबूब ने दरोगा राजकुमार को सोना देना बताया था। बरामद सोने की जीडी में एंट्री न करने और सोना गायब करने का आरोप लगने पर कंकरखेड़ा चौकी इंचार्ज और इंस्पेक्टर पर जांच बैठ गई थी।
फांस बना सोना
सोना गले की फांस बनने पर कंकरखेड़ा पुलिस ने महबूब से सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह लालच में आकर यह सोना लेकर गाजियाबाद में अपने साले नफीस व साली रिहाना के पास पहुंचा और वहां पर एक सराफ को करीब पांच तोला सोना 72 हजार में बेच आया था।
अब पुलिस ने उसकी निशानदेही पर करीब 10 तोला सोना और 72 हजार रुपये बरामद किए हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि बाकी सोना इमरान की पत्नियों के पास है, जो फरार हैं। वहीं, इंस्पेक्टर ने बताया कि संयुक्त प्रेस वार्ता करने के लिए हरियाणा पुलिस को बुलाया गया। लेकिन वह नहीं आई।
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