अब आपस में लड़ रहे केस
एक मामला ऐसा भी सामने आया है जिसमें एक ही जमीन को दो बार दाखिल खारिज कर दिया गया। अब जमीन लेने वाले आपस में उलझ रहे हैं। ग्राम गुढ़ा निवासी शांति देवी पत्नी महावीर ने खसरा संख्या 541, 542, 543, 555/1 और 558 का बैनामा 21 जनवरी 2004 को नरेंद्र कुमार रहेला पुत्र छबीलदास निवासी मोहल्ला कल्याण सिंह मवाना कला को किया था। लेकिन इसके बाद उक्त जमीन गुरमीत सिंह पुत्र लाभ सिंह निवासी बेरीपुरा दिल्ली रोड मेरठ को बेच दी गई। जिसके आधार पर इस जमीन का 29 अप्रैल 2013 को दाखिल खारिज भी कर दिया गया। जब नरेंद्र सिंह ने इस पर आपत्ति जताई तो 01 मई 2013 को जमीन नरेंद्र सिंह के नाम पर कर दी गई। अब दोनों आपस में केस लड़ रहे हैं।
हटाए बिना सही जांच नहीं
इस मामले में शिकायतकर्ता भाजपा नेता अशोक चौधरी का कहना है कि रजिस्ट्रार कानूनगो लंबे समय से मवाना में तैनात है। पहले बसपा और सपा शासन में सत्ता पक्ष के लोगों के साथ मिलकर खेल किया तो अब भाजपा के कुछ लोग उसे संरक्षण दे रहे हैं। मवाना सिविल बार एसोसिएशन के सचिव जसबीर सिंह भी बिजेंद्र के खिलाफ पत्र लिख चुके हैं। लेकिन आज तक भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जब तक बिजेंद्र मवाना तहसील में रहेगा, तब तक जांच प्रभावित होगी।
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