ये है प्रक्रिया
- कएक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट उपायुक्त को एसपीवी के द्वारा दिया जाता है।
- कइंस्पेक्शन के बाद फाइल सरकार के पास भेजी जाती है।
- कउद्योग निदेशक प्रिंसिंपल अप्रूवल देते हैं और कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लिए जगह की जरूरत देखी जाती है।
- कप्रमुख सचिव के आदेश के बाद एमएसएमई में फाइल चली जाती है।
कोविड के कारण दिक्कतें आई हैं। चमड़ा, स्पोर्ट्स, खद्दर टेक्सटाइल, ज्वैलरी जैसे उद्योगों पर काम शुरू हुआ है। क्लस्टर विकसित होने से ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
- डॉ. संजीव अग्रवाल, अध्यक्ष, संयुक्त लघु उद्योग क्लस्टर विकास समिति
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जिले में क्लस्टर की प्रगति का हाल
क्लस्टर जगह स्थिति
चमड़ा जानी डीपीआर जमा, स्टेट लेवल
कमेटी द्वारा होना हैं इंस्पेक्शन
स्पोर्ट्स --------- स्टेट लेवल स्टेयरिंग कमेटी
में प्रमुख सचिव द्वारा स्वीकृति का इंतजार
ज्वेलरी सराफा बाजार सिडबी से पैसा आने का इंतजार
मेटल क्राफ्ट ---------- डिटेल स्टडी रिपोर्ट भेजी
बैंडबाजा ------------ एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट
ग्लास वुड वीड्स हर्रा डीएसआर रिपोर्ट भेजी गई
एंब्राइडरी --- एसपीवी में समस्या
खद्दर टेक्सटाइल सरधना वित्तीय व्यवस्था की चल रही तैयारी
कैंची लोहियानगर प्रोजेक्ट पर काम जारी
हर दिन टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है। ऐसे में कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाने में अधिकतम एक से दो माह का समय लगना चाहिए। मगर कई साल से क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम पाइपलाइन में है। सिर्फ कैंची का क्लस्टर बना है।
- आशुतोष अग्रवाल, सचिव, चेंबर फार डेवलपमेंट एंड प्रमोशन ऑफ एमएसएमई