मेरठ पहुंचे स्वामी चिदानन्द सरस्वती
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मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के बृहस्पति भवन में महामना मालवीय मिशन के राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 विषय पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष और आध्यात्मिक गुरु स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि अब पुण्यतिथि पर पेड़ और तीर्थ यात्रा पर पेड़ यात्रा शुरू की जानी चाहिए। विश्वविद्यालय, जेल, न्यायालय में पेड़ लगाने की शुरुआत करनी होगी।
स्वामी चिदानंद सरस्वती ने संस्कारों पर बोलते हुए कहा कि आजकल कार के काफिले हर घर में बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन संस्कार घट रहे हैं। इसकी शुरुआत विश्वविद्यालय से ही करनी होगी। एक विश्वविद्यालय में पांच से छह हजार युवा पढ़कर निकलते हैं। उन्हें सबसे पहले पर्यावरण बचाने के लिए पढ़ाना होगा। विदेशों में होने वाली हर कांफ्रेंस में पर्यावरण पर विशेष फोकस दिया जा रहा है। विश्व स्तर पर पेड़, जल बचाओ पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि इंटरनेट से जुड़ने के साथ-साथ इनरनेट से भी जुड़ना होगा। यही दोनों भारत को आगे ले जाने के लिए टिकट का कार्य करेंगे।
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महामना का नमन करते हुए उन्होंने कहा कि भारत रत्न मदन मोहन मालवीय का जीवन हम सभी के लिए मिसाल है। वो एक ऐसी मशाल थे जो बचपन से दूसरे के लिए जले। उनका जीवन संकल्प से सिद्घि की यात्रा था। कोई अभिमान नहीं, कोई अकड़ नहीं। पकड़ इतनी थी, लेकिन अकड़ नहीं। आज लोग पकड़ के लिए अकड़ते हैं।
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वहीं इस मौके पर चौधरी चरण सिंह विवि के कुलपति प्रो.एनके तनेजा, मालवीय मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभु नारायण, अध्यक्ष एसडी भारद्वाज, मुनीश कुमार, डॉ. किरण सिंह मौजूद रहे। मिशन की स्मारिका का विमोचन भी किया गया।