इसके अलावा पल्हैड़ा में भी कुत्ते कई लोगों को काटकर घायल कर चुके हैं। भाजपा नेता गौरव मलिक ने बताया कि लोग नगर आयुक्त व नगर स्वास्थ्य अधिकारी से मामले की शिकायत कर चुके हैं। घासीराम पर कुत्तों के हमले के बाद उन्होंने दोबारा से अधिकारियों से मामले की शिकायत की है।
एंटी रैबिज इंजेक्शन के लिए जाना पड़ता है सात किलोमीटर
पल्लवपुरम में कुत्तों के आतंक से बच्चे से लेकर बड़ों में दहशत का माहौल बना हुआ है। यदि, कुत्ता किसी के काट लेता है तो ऐसे में एंटी रैबिज का इंजेक्शन लगवाने के लिए पीड़ित को सात किमी दूर दौराला सीएचसी पर जाना पड़ता है। पल्हैड़ा उपकेंद्र पर एंटी रैबिज के इंजेक्शन नहीं होने के कारण लोग मेडिकल स्टोर से महंगे इंजेक्शन लेने को मजबूर हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोग ना तो सीएचसी दौराला पर जा पाते हैं और ना ही महंगा इंजेक्शन खरीद पाते हैँ। ऐसे में उन्हें रैबिज की बीमारी होने का खतरा बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
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