उत्तर प्रदेश विधानसभा के इस चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा और फोकस में वेस्ट यूपी ही रहा। मेरठ-सहारनपुर और मुरादाबाद मंडल के 14 जिलों में 23 मंत्री बनाए गए हैं। इनमें दस विधायकों में दो जाट, एक सिख, एक ठाकुर, एक गुर्जर, एक वैश्य, दो दलित, दो पिछड़े समाज से हैं। साफ है कि भाजपा की रणनीति में जाट तो हैं, लेकिन वह दलित, स्वर्ण और अन्य पिछड़ा वर्ग को साथ लेकर वही समीकरण तैयार करने की कोशिश में है, जो हरियाणा में हैं। अन्य बिरादरी की गोलबंदी से ही भाजपा इस विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल के गठबंधन का चक्रव्यूह तोड़ पाई है।
पश्चिम के जिलों की बात करें तो मुरादाबाद से जाट समाज से भूपेंद्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री, मुजफ्फरनगर से वैश्य समाज से कपिल देव अग्रवाल को राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार, संभल से दलित समाज से गुलाब देवी को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार और भाजपा के पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष गाजियाबाद से नरेंद्र कश्यप को राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया है।
मेरठ से दिनेश खटीक को राज्यमंत्री और डॉ. सोमेंद्र तोमर को राज्यमंत्री बनाया गया है। बागपत से केपी मलिक को राज्यमंत्री, गाजियाबाद से नरेंद्र कश्यप को राज्यमंत्री, सहारनपुर देवबंद से ब्रजेश सिंह को राज्यमंत्री और जसवंत सैनी एवं रामपुर से बलदेव सिंह औलख को राज्यमंत्री बनाया गया है।
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हर वर्ग को साथ लेकर जातिगत गणित साधने की कोशिश,
मेरठ-सहारनपुर और मुरादाबाद मंडलों से इस बार बनाए गए मंत्रियों में एक कैबिनेट मंत्री, तीन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 7 राज्य मंत्री बनाए गए हैं। हस्तिनापुर विधानसभा सीट से विधायक दिनेश खटीक को दूसरी बार मंत्री बनाया गया है, तो मेरठ दक्षिण विधायक सोमेंद्र तोमर को पहली बार मंत्री बनाकर गुर्जरों को प्रतिनिधित्व दिया गया है।
मुजफ्फरनगर से कपिल देव अग्रवाल को फिर से मंत्री बनाकर वैश्यों को साधने की कोशिश की गई है। संभल के चंदौसी से गुलाब देवी को फिर से राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाया गया। रामपुर से बलदेव सिंह औलख को राज्यमंत्री बनाया गया है।
गाजियाबाद से नरेंद्र कश्यप का नाम सभी के लिए नया था, पर भाजपा ने अति पिछड़ाें पर इस शहरी क्षेत्र में दांव लगाकर पूरे वेस्ट यूपी को साधने की कोशिश की है। पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष जसवंत सैनी को मंत्री बनाकर केबिनेट में शामिल किया गया है। बागपत की बड़ौत सीट से दूसरी बार जीते केपी मलिक को मंत्री बनाकर जाटों में यहां एक नई और बड़ी लीडरशिप तैयार करने की कोशिश की गई है। मुरादाबाद से भूपेंद्र सिंह चौधरी को फिर से मंत्री बनाकर जाटों में पैठ और मजबूत करने की कोशिश की गई है।