इनके अलावा बाकी चार विधानसभा सीटों पर मौजूदा विधायकों के अलावा एक-एक दावेदार का नाम है। यानी, इन सीटों पर दो-दो दावेदार हैं। ऐसे में गुरुवार को दिल्ली में होने वाली संसदीय बैठक में प्रत्याशी तय किए जा सकते हैं। हालांकि प्रत्याशियों की अधिकारिक घोषणा 15 या 16 जनवरी को किए जाने की चर्चा है। 10 फरवरी को पहले चरण के चुनाव के लिए सभी 11 जिलों के टिकटों को लेकर समीक्षा की जा रही है।
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सोशल मीडिया पर वायरल सूची से दिल्ली तक घनघनाए फोन
सोशल मीडिया पर बुधवार को भाजपा के प्रत्याशियों की एक सूची वायरल हो गई। इसमें मेरठ की छह विधानसभा सीटों पर प्रत्याशियों के नाम घोषित किए गए थे, एक विधानसभा सीट को वेटिंग में दिखाया गया था। दो विधानसभा सीटों पर पिछली बार के प्रत्याशी बदले दिखाए गए। तीसरी सीट को वेटिंग में दिखाया गया। यानी, इस सूची के मुताबिक, दो विधायकों और एक प्रत्याशी के नाम बदल गए। सूची वायरल होने पर तमाम दावेदार बैचेन हो गए। दावेदारों और पार्टी पदाधिकारियों के फोन दिल्ली में घनघनाने शुरू हो गए। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से बताया गया कि अभी बिना संसदीय बोर्ड की बैठक के नाम कैसे फाइनल हो जाएंगे। सूची के फर्जी होने की जानकारी सामने आने पर टिकट की आस में लगे दावेदारों की जान में जान आई कि अभी भी उम्मीद बाकी है।