मेरठ में सपा नेताओं में टिकट के लिए घमासान तेज हो गया है। जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष मंगलवार को भी लखनऊ में डेरा डाले रहे। सपा में मेरठ जिले से सातों विधानसभा सीटों के लिए 100 से ज्यादा नेताओं ने दावेदारी की है। सपा इस बार नए और युवा चेहरों पर दांव खेल सकती है। हालांकि कई दिग्गज नेता भी टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं। वर्ष 2017 में सपा सिर्फ शहर विधानसभा सीट ही जीत पाई थी। मेरठ दक्षिण और मेरठ कैंट सीट गठबंधन में कांग्रेस के पास थी।
शहर से विधायक रफीक अंसारी एकमात्र जीते थे, इसलिए उनकी दावेदारी इस बार भी मजबूत है। इस बार सपा का रालोद से गठबंधन हो गया है, ऐसे में इस बार दो सीटें रालोद के खाते में जाने की उम्मीद है। दिग्गज जो अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश करेंगे, उनमें हस्तिनापुर सीट से दो बार जीत चुके प्रभुदयाल वाल्मीकि, बसपा से आए पूर्व विधायक योगेश वर्मा, तीन बार किठौर से जीते पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और सिवालखास से विधायक रह चुके गुलाम मोहम्मद प्रमुख हैं। सरधना से अतुल प्रधान फिर से टिकट के लिए दावेदारी की है।
सीट आवेदन करने वाले कुछ नेता
मेरठ कैंट संजीव गुप्ता, परविंद्र इशू, कौशल भदौड़ा
सिवालखास चौधरी राजपाल सिंह, गुलाम मोहम्मद, माजिद चौहान
सरधना अतुल प्रधान, गौरव प्रधान
किठौर शाहिद मंजूर, बाबर चौहान, यूसुफ सैफी
हस्तिनापुर प्रभुदयाल वाल्मीकि, योगेश वर्मा, विपिन मनोठिया
दक्षिण मेरठ आदिल चौधरी, पवन गुर्जर, इकरामुद्दीन सैफी, बदर अली
शहर मेरठ रफीक अंसारी, आदिल अंसारी
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