इस दौरान मवाना पुलिस ने वसीम के यहां से लाइसेंसी बंदूक और 10 कारतूस जांच के नाम पर पकड़े। जिसे थाने लाकर जांच की तो वो सही पाई गई। इन्हें छोड़ने के एवज में पुलिस ने 20 हजार रुपये की डिमांड की। पीड़ित ने साढ़े सात हजार रुपये दे दिए, तो पुलिस ने बंदूक उसे दे दी थी। कारतूस छोड़ने के नाम पर बाकी साढ़े 12 हजार रुपये के लिए पुलिस पीड़ित पर दबाव बना रही थी।
पीड़ित ने मेरठ आकर इसकी शिकायत डीआईजी कलानिधि नैथानी से की। डीआईजी ने एसएसपी को जांच कर कार्रवाई के लिए कहा। पीड़ित ने चौकी प्रभारी की ऑडियो भी एसएसपी को दी। जिस पर एसएसपी ने मवाना थानेदार विशाल श्रीवास्तव और सठला चौकी इंचार्ज सतेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय जांच भी बैठा दी।
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एसएसपी डॉ विपिन ताडा ने बताया कि थानेदार और चौकी इंचार्ज ने बंदूक-कारतूस छोड़ने के नाम पर रुपयों की मांग की, शिकायत पर दोनों को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह को सौंपी है।