राधना इनायतपुर निवासी फिरोज बृहस्पतिवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचा। फिरोज ने बताया कि वह प्लंबर का काम करता है। बुधवार दोपहर वह काम से लौटा और स्कूटी अपने घेर में खड़ी कर दी। रात करीब 8:30 बजे थाने के तीन पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे। दरवाजा खोलते ही पुलिसकर्मियों ने फिरोज की मां से स्कूटी चोरी की बताते हुए चाबी मांगी।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने स्कूटी में तमंचा रखकर उसका वीडियो बना लिया। इसके बाद स्कूटी को अपने साथ ले गए। यह घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। पीड़ित का आरोप है कि स्कूटी को छोड़ने की एवज में पुलिसकर्मियों ने एक लाख रुपये की मांग की। बाद में 50 हजार वसूल कर स्कूटी छोड़ दी गई। फिरोज ने इस मामले में दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ये दिखा सीसीटीवी फुटेज में
फिरोज के घर के सीसीटीवी फुटेज में पुलिसकर्मी उसकी मां से बात करते हुए दिख रहे हैं। इसके बाद चाबी लेकर पुलिसकर्मी घेर में खड़ी स्कूटी की तरफ जाते हुए भी दिख रहे हैं। साथ ही फिरोज की मां व अन्य कुछ ग्रामीण भी वहां पहुंचे हैं। इसके बाद पुलिस स्कूटी थाने ले आई।
तमंचा बरामद हुआ, पुलिस ने नहीं ली रकम
सीओ किठौर पवन कुमार शर्मा का कहना है कि पुलिस ने फिरोज के परिजनों की मौजूदगी में तमंचा बरामद किया है। सीसीटीवी फुटेज में कहीं भी ऐसा नहीं दिख रहा है कि तमंचा पुलिस ने रखा है। फिरोज के परिजनों ने पुलिस को कोई पैसा नहीं दिया। उन्होंने किसे 50 हजार रुपये दिए और स्कूटी थाने से इस तरह क्यों छोड़ी गई, इसकी जांच की जा रही है।
आईजी से मिले परिजन, सिपाहियों को बर्खास्त करने की मांग
खरखौदा पुलिस द्वारा बाइक में तमंचा रखकर जबरन युवक को फंसाने के मामले में लाइन हाजिर किए गए दोनों सिपाहियों पर कार्रवाई से परिजन संतुष्ट नहीं हैं। बृहस्पतिवार को शिक्षक के परिजनों ने आईजी से मिलकर थाना प्रभारी और दोनों सिपाहियों को बर्खास्त करने की मांग की।
अंकित के पिता अशोक त्यागी ने बताया कि उनका बेटा कोचिंग सेंटर में कोचिंग देने के साथ-साथ पिछले तीन वर्ष से यूपीएससी की भी तैयारी कर रहा है। दूसरे पक्ष से सांठगांठ कर पुलिस अंकित त्यागी के भविष्य को खराब करने में जुटी है। अंकित के पिता ने पुलिस अधिकारियों से आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने व बेटे पर दर्ज किए गए मुकदमे को खत्म करने के साथ परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
पूरे मामले में किरकिरी होने के बाद खरखौदा पुलिस ने अंकित त्यागी को 141ए के नोटिस पर छोड़ने के लिए परिवार के लोगों को बुलाया, लेकिन वे नहीं गए। जिसके बाद पुलिस ने एक ग्रामीण की सुपुर्द में अंकित को छोड़ दिया।