सोमवार दोपहर करीब एक बजे राजी देवी पेट्रोल पंप पर पैदल जा रही थीं। इसी दौरान परीक्षितगढ़ की ओर से बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाश पीछे से उनके करीब पहुंचे। एक बदमाश ने बाइक से उतरकर झपट्टा मारकर उनके कुंडल लूटने की कोशिश की।
बदमाशों का इरादा भांपते ही राजी देवी ने आरोपी बदमाश का गला पकड़ लिया। बदमाश खुद को छुड़ाने के लिए छटपटाने लगा। तभी दूसरे बदमाश ने अपने साथी को छुड़ाने के लिए राजी देवी पर पीछे से हमला कर दिया।
महिला ने पैर मारकर उसे भी गिरा दिया। बाद में हमले से बचने के लिए पीड़िता ने बदमाश का गला छोड़ा तो दोनों ने एक साथ हमला किया और पीड़िता के कंधे पर टंगा बैग तोड़कर ले गए, जबकि बैग की बेल्ट महिला के गले में ही टंगी रह गई। राजी देवी की शिकायत पर पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालकर बदमाशों को तलाश कर रही है।
तमाशबीन बने राहगीर नहीं दिखा पाए साहस
हैरानी की बात है कि बदमाशों ने दिनदहाड़े मार्ग पर वारदात की। महिला बदमाशों से लड़ती रही, लेकिन वहां से गुजर रहे राहगीरों ने न तो बदमाशों को पकड़ने का प्रयास किया और न ही महिला की मदद की। बदमाशों के फरार होने के बाद राहगीर महिला से पूछताछ करने उनके करीब पहुंचे।
रेकी कर वारदात की आशंका
आशंका है कि बदमाशों ने रेकी कर वारदात को अंजाम दिया है। राजी देवी ने बताया कि वह रोज पैदल ही पंप पर जाती हैं। उनके पास पैसे भी रहते हैं। सोमवार को मौका देखकर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दे दिया। रविवार को बैंक बंद होने के कारण वह पैसे घर ले गई थीं। आज बैंक में पैसे जमा कराने थे।
शौर्य के लिए मिला सेना मेडल
राजी देवी ने बताया कि कारगिल युद्ध में उत्तराखंड के 75 जवान शहीद हुए थे। उनके पौड़ी जिले के 13 जवान दुश्मनों का सामना करते हुए शहीद हुए थे। राजी देवी के पति डबल सिंह को कारगिल में शौर्य दिखाने के लिए सेना मेडल मिला था। अब लूटपाट की घटना के बाद मेरठ के आलाधिकारियों ने भी पीड़िता से मुलाकात कर वारदात के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया है।