इसके अलावा नौ कैदी और बंदी मानवाधिकारों की जानकारी के लिए सीएचआर कोर्स कर रहे हैं। सूचना और प्रौद्योगिकी में प्रमाण पत्र के लिए 13 दाखिले हैं और इसी तरह 10 कैदी और बंदी ऐसे है जो पर्यावरण अध्ययन का कोर्स कर रहे हैं। जेल में इग्नू का केंद्र है, जिसके तहत 20 कोर्स कराए जाते हैं। अन्य कोर्सों में कैदी और बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
पांचवीं से 12वीं तक कर रहे 121 बच्चे पढ़ाई
जेल में बंद कैदियों और बंदियों के अलावा बाल सुधार गृह के बंदी भी पढ़ाई में रुचि दिखा रहे हैं। पांचवीं से लेकर 12वीं कक्षा तक 121 बाल बंदी पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें सबसे अधिक छठीं कक्षा में है, जिनकी संख्या 42 है।
बागपत की दमयंति ने जेल में रहकर ले ली एमए की डिग्री
जिला कारागार रिकार्ड के अनुसार, बागपत की रहने वाली दमयंति नाम की महिला हत्या के मामले में सजा काट रही थी। जिस समय वह जेल में आई वह मात्र आठवीं पास थी। उसने पढ़ाई की इच्छा जताई और पिछले साल जब वह जेल से बाहर निकली तब तक एमए की डिग्री ले चुकी थी।
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जेल में बंद कैदी और बंदी पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई कर रहे हैं। नियमित तौर पर उनकी कक्षा चलती है। सभी अलग-अलग तरह के कोर्स कर रहे हैं, जो सराहनीय है।
- राकेश कुमार, वरिष्ठ जेल अधीक्षक मेरठ