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मेरठ-हापुड़ लोकसभा: विधानसभा की एक सीट ही पलट देती है पूरी बाजी, थोक में मिले वोटों ने की थी भाजपा की नैया पार

Sat, 23 Mar 2024 12:08 PM IST
Dimple Sirohi सैयद यासिर रजा, अमर उजाला, मेरठ

सार

पिछले तीन चुनावों से मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट के लिए जीत का दरवाजा शहर की एक विधानसभा सीट से होकर गुजरता है। यहां से थोक में मिलने वाले वोट ने 2019 और 2009 के चुनाव में भाजपा की नैया पार लगाई थी।  
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Voting Day - फोटो : Social Media
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विस्तार
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2019 के चुनाव में इस सीट को छोड़ दिया जाए तो भाजपा एक लाख से ज्यादा वोटों से पीछे थी, लेकिन अकेले कैंट की सीट ने भाजपा के लिए बाजी ही पलट दी। इस विधानसभा क्षेत्र ने न सिर्फ भाजपा और बसपा के बीच के वोटों के अंतर को खत्म किया, बल्कि 4729 वोटों से जीत दिलाने मे भी कामयाबी दिलाई। हाजी मोहम्मद याकूब ने पांच में से चार विधानसभा सीटों पर अच्छी खासी बढ़त बनाई थी। सिर्फ कैंट में पिछड़े और इतना पिछड़े की उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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2014 के चुनाव में भाजपा ने हर विधानसभा सीट पर अच्छी खासी बढ़त बनाई थी और 2 लाख 32 हजार वोटों से जीत का परचम लहराया था। इस चुनाव में भाजपा से राजेंद्र अग्रवाल, बसपा से शाहिद अखलाक और सपा की ओर से शाहिद मंजूर मैदान में थे।

ध्रुवीकरण के आधार पर हुए इस चुनाव में भाजपा ने तो एकतरफा वोट हासिल किया, लेकिन मुस्लिम मतदाताओं के बीच शाहिद मंजूर और शाहिद अखलाक को वोट लगभग बराबर के बंटे। यही वजह थी कि भाजपा ने सवा दो लाख से भी अधिक वोटों के अंतर से यहां फतह हासिल की थी। 
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2009 के लोकसभा चुनाव में मुकाबला त्रिकोणीय था। केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी और प्रदेश में बसपा की। सपा अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही थी। भाजपा ने राजेंद्र अग्रवाल को अपना प्रत्याशी बनाया था, जबकि बसपा ने मलूक नागर और सपा ने शाहिद मंजूर को उतारा था। सबसे कड़ा मुकाबला मेरठ दक्षिण में था।

हापुड़ में भाजपा को 39673 वोट, बसपा को 37970 वोट और सपा को 31063 वोट मिले थे। किठौर ऐसी सीट थी जहां भाजपा तीसरे नंबर पर रही थी। बसपा को यहां सबसे अधिक 50548 वोट और सपा को 47569 वोट मिले थे। राजेंद्र अग्रवाल को 35913 लोगों ने वोट किया था। सबसे बड़ा अंतर पैदा किया मेरठ कैंट सीट ने। यहां भाजपा को बड़ी बढ़त मिली। बढ़त करीब 28 हजार वोटों की थी।

2009 में हुए परिसीमन के बाद मेरठ सीट का गणित ही बदल गया। पहले इसमें मेरठ जिले की ही पांच विधानसभा सीटें थीं। इसमें किठौर, कैंट और मेरठ शहर के अलावा हस्तिनापुर और खरखौदा सीटें मेरठ लोकसभा का हिस्सा थीं।

परिसीमन में हस्तिनापुर को बिजनौर लोकसभा क्षेत्र में शामिल कर दिया गया और खरखौदा की जगह मेरठ दक्षिण सीट का नाम दे दिया गया। हापुड़ शहर की सीट को मेरठ से जोड़ दिया गया। सीट का नाम भी मेरठ-हापुड़ लोकसभा क्षेत्र कर दिया गया। 

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प्रत्याशियों को कैंट विधानसभा सीट पर मिले वोट
2019
 उम्मीदवार   पार्टी मेरठ कैंट मेरठ शहर  मेरठ दक्षिण   किठोर    हापुड़  कुल
 राजेंद्र अग्रवाल  भाजपा 168074      79241 122496 109222 103943   582976
हाजी मोहम्मद याकूब बसपा  65322   109637 152210   131039  122389 580597
जीत का अंतर : 4729, विजेता राजेंद्र अग्रवाल भाजपा (पोस्टल बैलेट मिलाकर)         
               


 2014
उम्मीदवार पार्टी मेरठ कैंट मेरठ शहर मेरठ दक्षिण किठौर हापुड़ कुल
राजेंद्र अग्रवाल     भाजपा 153448       81690 107901    94893 93966  531898
शाहिद अखलाक    बसपा  बसपा 44397    46022   84564    63047 62237  300267
शाहिद मंजूर    सपा   सपा  15495     52237     48016   57460  38365  211573
जीत का अंतर : 232326 विजेता राजेंद्र अग्रवाल भाजपा (पोस्टल बैलेट मिलाकर)        
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2009
उम्मीदवार पार्टी मेरठ कैंट  मेरठ शहर मेरठ दक्षिण  किठौर  हापुड़ कुल
राजेंद्र अग्रवाल     भाजपा     65569    46708     44202    35913     39673    232065
मलूक नागर    बसपा   37441   14303    44689    50548   37970     184951
शाहिद मंजूर    सपा    15841    48826   40218    47569    31063   183517
राजेंद्र शर्मा    कांग्रेस   22696   9546    12023   6411  10303    60979
 जीत का अंतर : 47146, विजेता राजेंद्र अग्रवाल, भाजपा (पोस्टल बैलेट मिलाकर)        
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