हाजी याकूब कुरैशी के पुत्र इमरान और मैनेजर मोहित त्यागी की अर्जी पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपियों का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
न्यायालय जिला जज मेरठ रजत सिंह जैन ने मीट फैक्टरी में पशु सप्लाई करने के आरोप में याकूब कुरैशी के पुत्र इमरान और मैनेजर मोहित त्यागी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। वहीं याकूब की पत्नी संजीदा बेगम सोमवार को अपने घर सरायबहलीम पहुंच गईं। पुलिस द्वारा संजीदा बेगम को दो बार नोटिस दिया जा चुका है। लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया।
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डीजीसी क्रिमिनल ब्रजभूषण गर्ग ने बताया कि वादी मुकदमा एसएचओ दिनेश कुमार उपाध्याय ने 31 मार्च 2022 को थाना खरखौदा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अन्य पुलिस कर्मियों के साथ शांति व्यवस्था बनाने हेतु ड्यूटी पर तैनात थे।
मुखबिर खास से सूचना मिली कि अलीपुर जिजमाना स्थित याकूब कुरैशी की फैक्टरी में मीट पैकिंग का कारोबार चल रहा है। इसके बाद वादी मुकदमा ने पुलिस बल व अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर मीट फैक्टरी पर छापा मारा तो देखा अंदर आरोपी व अन्य लोग पशुओं को ले जा रहे हैं। फैक्टरी के फ्रीजर्स में मीट मिला।
पुलिस के पहुंचते ही आरोपी वहां से भाग खड़े हुए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोपियों ने न्यायालय में कहा कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है। इसका जिला शासकीय अधिवक्ता ने कड़ा विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनकर एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों को देखते हुए आरोपियों का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।