आरोपियों ने उन्हें नौकरी के ऑफर लेटर भी दिए। लेकिन, नियुक्ति नहीं हो सकी। नियुक्ति न होने पर एक बार लोगों ने हंगामा भी किया। हंगामा शांत कराते हुए अमित ने पारुल को एक करोड़ 70 लाख रुपये का चेक दे दिया और थोड़े-थोड़ रुपये सभी रिश्तेदारों को देने की बात कही। लेकिन, वह चेक भी फर्जी निकाला और अमित आसानी से लोगों को धोखा देकर भाग निकला।
पारुल ने इस मामले में कंकरखेड़ा थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर नोएडा स्थित एक होटल में छापा मारा और अमित को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, उसके अन्य साथी विकास कुमार, कुंदन, शाहरुख और महिला गार्गी भागने में सफल रहे। शनिवार को पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया।
अलग-अलग नामों से देता था धोखा
अमित ठगी के दौरान लोगों को अलग अलग नाम बताता था, ताकि, वह पकड़ा न जा सके। नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी का शिकार होने वाले लोग उसका असली नाम नहीं जानते थे। पुलिस ने आरोपी के पास से अलग-अलग नाम की आईडी बरामद कीं हैं जिसमें, अमित ने अपना नाम अनिरुद्ध शास्त्री, अनिकेत अवस्थी, लक्की आदि लिखवा रखे थे।
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कई ओर लोगों को भी बना चुका है शिकार
पूछताछ में आरोपी अमित ने बताया कि पारुल व उसके रिश्तेदारों समेत वह कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बना चुका है। वह लोगों को गृहमंत्री अमित शाह का जनरल सेक्रेटरी बताता था और सरकारी विभाग में अपनी जान पहचान का विश्वास दिलाकर लोगों से ठगी करता था। पुलिस उन लोगों की जानकारी भी हासिल करने में जुट गई है, जिनके साथ अमित पूर्व में ठगी कर चुका है। ताकि, उन लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सके।
थाने पहुंचे ठगी के शिकार, हंगामा
अमित की गिरफ्तारी की जानकारी जैसे ही पारुल व उसके रिश्तेदारों को लगी तो वह कंकरखेड़ा थाने पहुंचे। उन्होंने आरोपी के खिलाफ हंगामा किया और सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया और आश्वासन दिया। पुलिस ने बताया कि अमित व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। उसे सख्त सजा मिलेगी। तब जाकर लोग शांत हुए।