इस दौरान श्रद्धालुओं ने पिंड दान कर गंगा मैया के जयकारे लगाए और विधि-विधान से पूजा पाठ कराया। श्रदालुओं के उमड़े जनसैलाब के बीच हाईवे पर भीषण जाम लग गया। जिसके कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हाईवे पर इतना भारी जाम था कि लोगों को पैदल चलने के लिए भी जगह नहीं मिल सकी।
स्थानीय कुलदीप, ब्रजपाल आदि ने बताया कि पितृ विसर्जन अमावस्या के मौके पर शुक्रवार की देर रात से ही भीमकुंड गंगा घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान करने का सिलसिला शुरू हो गया था। दूर दराज से यहां रात में पहुंचे श्रद्धालुओं ने आधी रात करीब दो बजे से ही गंगा में स्नान करना शुरू कर दिया। गंगा पर बने पुल के दोनों ओर गंगा स्नान कर श्रद्धालुओं ने पितरों को तर्पण किया और सूर्य को अर्ध्य दिया। अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए आए श्रद्धालुओं ने गंगा किनारे पर पुरोहितों की मदद से विधि विधान से मंत्रोच्चार के मध्य पूजा की।