प्रतिवर्ष की भांति रामलीला मंचन के दौरान मंगलवार को राम बरात का आयोजन किया गया। रामलीला मैदान से शुरू होकर राम बरात जब कस्बे के में रोड स्थित कस्बे के खारा कुआं पर पहुंची तो डीसीएम पीछे की साइड वजन ज्यादा होने के कारण आगे की ओर से उठ गई, जैसे ही चालक ने रेस तेज की तो आगे के पहिए नीचे सड़क पर आ गए और गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे राम बरात देख रहे भूरा पुत्र मुकेश, ऋषभ रियांश पुत्र सतीश, मानवी पुत्री अजय, महिला समंत्रा, युवती पायल पुत्री सतीश के ऊपर चढ़ गई, जिस कारण सभी गंभीर रूप से घायल हो गए।
बच्चों और महिला की चीख पुकार सुनकर लोग मौके पर दौड़े और किसी तरह घायलों को गाड़ी के नीचे से निकला। हादसे के बाद चालक डीसीएम मौके पर छोड़कर भाग निकला। गुस्साए लोगों ने डीसीएम में तोड़फोड़ की। पुलिस ने राम बरात को आगे निकाल कर डीसीएम में तोड़फोड़ कर रहे लोगों को समझने का प्रयास किया।
काफी देर हंगामे के बाद लोगों ने डीसीएम में आगजनी का प्रयास किया, जिस पर पुलिस व पीएसी ने लाठी चार्ज कर दिया और भीड़ को मौके से भगाया। कुछ देर बाद भीड़ फिर एकत्रित हो गई और हंगामा करने लगी। लोगों ने चालक को पकड़ने व डीसीएम सीज करने की मांग की।
बावल की आशंका देख कई थानों का फोर्स मौके पर बुला लिया गया। वहीं, घायलों को अलग-अलग निजी प्राइवेट अस्पतालों में उपचार के लिए पुलिस ने भेजा। देर रात तक हंगामा की स्थिति बनी रही। पुलिस बल मौके पर डटा रहा। वही, जेसीबी मंगा कर पुलिस ने डीसीएम को इंचौली थाने भेज दिया।
नीम के पेड़ की डाल ने बचाई जान
अनियंत्रित होगा डीसीएम बच्चों और महिलाओं पर चढ़ गई। इसके बाद डीसीएम जैसे ही आगे की ओर चलने लगी तो वहां खड़े नीम के पेड़ से रुक गई और एक डाल के कारण गाड़ी रुक गई, जिस कारण बच्चों और महिलाओं पर पिछला पहिया नहीं चढ़ा। यदि, नीम का पेड़ ना होता तो बच्चों की जान जा सकती थी और एक बड़ा हादसा हो सकता था। राम बरात निकलने के कारण कस्बे की विद्युत आपूर्ति भी बाधित थी। अंधेरे के चलते पुलिस पीएसी को काफी परेशानी उठानी पड़ी। राम बरात को आगे निकलवाने के बाद पुलिस ने महल बिजली घर फोन करके विद्युत आपूर्ति सुचारू कराई।