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शुभारंभ: गन्ने की मैली से बनी कंप्रेस्ड बायो गैस से चलेंगे 56 हजार वाहन, पीएम मोदी आज करेंगे वर्चुअल उद्घाटन

Wed, 02 Oct 2024 12:56 PM IST
डिंपल सिरोही आशुतोष भारद्वाज, अमर उजाला, मेरठ

सार

मेरठ शुगर मिल से निकली गन्ने की मैली और गोबर से मिलकर बनी कंप्रेस्ड बायोगैस दो लाख लोगों को प्रदूषण से मुक्त कराएगी।
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प्लांट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मेरठ शुगर मिल से निकली मैली और गोबर से एक दिन में 56 हजार वाहनों को चलाने के लिए मवाना के बहादुरपुर गांव में प्लांट की स्थापना की गई। सीबीजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित इस प्लांट का स्वच्छ भारत दिवस के दिन उद्घाटन स्वयं पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा ऑनलाइन किया जाएगा। देश में इस तरह के चार प्लांट की स्थापना की गई। कंप्रेस्ड बायो गैस आधारित यह प्लांट पूरी तरह प्रदूषण मुक्त गैस का निर्माण करेंगे।

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मवाना स्थित बहादुरपुर गांव में 15 टन क्षमता कंप्रेस्ड बॉयोगैस का प्लांट लगाया गया है। प्लांट के संचालक अंकुर जग्गी ने बताया कि तीन साल से प्लांट को स्थापित करने के लिए कार्य किया जा रहा था। प्लांट स्थापना में आई बहुत सी टेक्निकल समस्याओं को दूर करने में सरकार का सहयोग भी मिला।

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गैस निर्माण के लिए मैली और गोबर का प्रयोग किया जाता है। हमारे प्लांट की क्षमता अनुसार 15 टन गैस प्रतिदिन बनेगी। अगर महीने भर की बात करें तो हम एक महीने में शहर के 56 हजार वाहनों को पूरी तरह प्रदूषण मुक्त करेंगे। चार प्लांट की क्षमताओं की बात करें तो 2 लाख से अधिक वाहन प्रदूषण मुक्त हो जाएंगे।

पश्चिम यूपी का सबसे बड़ा प्लांट
एमडी अंकुर जग्गी ने बताया कि पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस मिनिस्ट्री द्वारा अवगत कराया गया कि स्वच्छ भारत दिवस के तहत चार प्लांट का उद्घाटन स्वयं पीएम मोदी द्वारा आज सुबह 10:25 पर ऑनलाइन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों सहित प्रशासनिक अधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश का यह पहला सबसे बड़ा प्लांट हैं।

मैली का होगा समाधान
चीनी मिल से निकलने वाली मैली के निस्तारण में मिलों को बहुत समस्या आती है। वर्तमान समय में यह मैली गैस बनाने में बहुत उपयोगी है। पश्चिम उत्तर प्रदेश में काफी संख्या में मिल होने के कारण मैली बहुत है। प्लांट की स्थापना के साथ क्षमता बढ़ाने के लिए भी कार्य शुरू कर दिया गया है।
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