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UP PCS Result: चाय बेचने वाले की बेटी बनीं अफसर, हौसला ऐसा, आप भी करेंगे सलाम, पढ़िए संघर्ष की पूरी कहानी

Sun, 09 Apr 2023 12:02 AM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

UPPSC PCS Result 2022 : चाय बेचने वाले की बेटी अफसर बनीं हैं। खास बात है कि उन्होंने हौसला बनाए रखा और अब सातवीं बार में सफलता हासिल की।
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परिवार के साथ शिखा शर्मा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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"कठिनाइयों से हार जाऊं वो इंसान नहीं हूं मैं, रुक जाऊं जिस दिन हारकर समझो जिंदा नहीं हूं मैं, है हौसलों की आरजू, रुकना मुझे आता नहीं, आसमां तक सीमित रहूं वो परिंदा नहीं हूं मैं"। ये हौसलों भरी लाइनें पीसीएस अधिकारी बनने वाली मेरठ की बेटी शिखा शर्मा ने स्वयं लिखीं हैं। जिससे ये तो साबित होता है कि पीसीएस परीक्षा पास करने के लिए उन्होंने कितने हौसले और मेहनत के साथ तैयारी की है। 

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बता दें कि शिखा शर्मा के पिता शंकरदत्त शर्मा उर्फ गोपाल चाय बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में चाय बेचने वाले की बेटी ने वो कर दिखाया, जिससे परिवार और रिश्तेदारों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। 

टीपी नगर क्षेत्र के मलियाना में चंद्रलोक कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय शिखा शर्मा ने सातवें प्रयास में पीसीएस की परीक्षा पास की है। पिछले सात सालों से लगातार पीसीएस की परीक्षा देते हुए उन्होंने हौसले का साथ नहीं छोड़ा। मेहनत और धैर्य के दम पर परिणाम उनके पक्ष में आया, जिससे परिवार में जश्न का माहौल है। शिखा शर्मा ने यूपी बोर्ड से संबद्ध महावीर शिक्षा सदन से हाईस्कूल व सेठ बीके माहेश्वरी से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। जिसके बाद 2013 में डीएन डिग्री कॉलेज से बीएससी और 2015 में मेरठ कॉलेज से मॉर्डन हिस्ट्री से एमए की पढ़ाई पूर्ण की।
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इसके बाद से वो पीसीएस की परीक्षा में बैठ रहीं थीं, पिछली परीक्षा में एक नंबर से रह गई। एक बार इंटरव्यू में भी पास नहीं हो पाईं। लेकिन उनके हौसलों के आगे मुश्किलों ने हार मान ली और उन्होंने संघर्ष के बावजूद पीसीएस की परीक्षा पास कर ली। उन्होंने लोक प्रशासन विषय से परीक्षा पास की है, उन्हें जिला दिव्यांगजन कल्याण सशक्तिकरण अधिकारी का पद मिला है।

बेटियों को उड़ने दो, आगे बढ़ने दो
शिखा शर्मा ने बताया कि मम्मी पुष्पा शर्मा और पापा शंकरदत्त शर्मा व परिवार के लोगों ने कभी हौसला टूटने नहीं दिया। परीक्षा परिणाम से निराशा मिली तो मैंने पढ़ाई छोड़ने तक का मन बनाया, लेकिन परिवार के लोगों ने मुझे पढ़ाई न छोड़ने का हौसला दिया। जिससे मुझे आगे बढ़ने की हिम्मत मिली। सभी को यही कहूंगी कि बेटियों को उड़ने दो और आगे बढ़ने दो, वो अपनी मंजिल खुद ढूंढ लेंगी।

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पिता शंकरदत्त शर्मा ने कहा कि उनकी बेटी होनहार है और हमने बेटे से बढ़कर उसका साथ दिया। सभी को बेटियों पर भरोसा कर उसे आगे बढ़ने देंगे तो परिणाम ऐसे ही आएंगे। परीक्षा पास होने पर ताई चंद्रा शर्मा, बहन प्रीति शर्मा, जीजा अतुल शर्मा, भाई उदित शर्मा, मौसी व चाची साधना शर्मा सहित अन्य लोगों ने खुशी जताई।
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