अमर उजाला
Sat, 8 April 2023
ऊपर एक डाली पर उसका दूसरा साथी इधर-उधर असहाय होकर देखता रहता है। वह घंटों उदासी में बैठा रहा। कहते हैं इंसान तो अपना दर्द किसी से बांटकर हल्का कर लेता है लेकिन, ये बेजुबान पक्षी तो अपना गम भी बयां नहीं कर सकते।
हिमाचल के रमेश की हुई ऑस्ट्रिया की बिरगिट