करोड़ों का फर्जीवाड़ा। सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
दस साल पहले 1300 करोड़ के फर्जीवाड़े में गाजियाबाद की सिंभावली चीनी मिल और बैंक अधिकारियों पर अब सीबीआई शिकंजा कसेगी। इस फर्जीवाड़े की पोल अमर उजाला ने 30 मई 2013 के अंक में खोली थी। किसानों की फोटो और खतौनी लगाकर सिंभावली मिल ने बैंकों से करोड़ों का लोन लिया था लेकिन, बैंक 900 करोड़ रुपये की मूल रकम तो दूर 400 करोड़ रुपये ब्याज भी नहीं वसूल सके थे। खास बात थी कि जिन किसान के नाम पर बैंकों से लोन लिया गया, उन्हें इस बारे में जानकारी ही नहीं थी। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूरे मामले की सीबीआई जांच करने के आदेश दिए हैं।
सिंभावली चीनी मिल ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, एसबीआई, यूको बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिकारियों से मिलीभगत करके 1,300 करोड़ रुपये का घपला किया था। मिल ने हापुड़ के कई गांवों के किसानों के फोटो व खतौनी लगाकर बैंकों से करोड़ों का लोन लिया था। बैंकों को न तो कर्ज के रूप में दिए गए 900 करोड़ रुपये वापस मिले और न ही इस पर बने 400 करोड़ रुपये का ब्याज। यही नहीं बैंक अपने 400 करोड़ रुपये लेकर मामले को निपटाने की तैयारी में भी लगे हुए थे।