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Meerut : सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री से उड़ीसा में पाई सरकारी नौकरी, ऐसे खुली पोल, अफसर हैरान

Wed, 28 Feb 2024 09:46 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut News : सीसीएसयू के नाम की फर्जी डिग्री से उड़ीसा में सरकारी नौकरी करने का मामला सामने आया है। जानिए आखिर कैसे मामले की पोल खुली है।
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फर्जी डिग्री मामला। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) के नाम की फर्जी डिग्री से उड़ीसा में सरकारी नौकरी करने का मामला फिर से प्रकाश में आया है। उड़ीसा के छतरपुर जिले की पुलिस ने बुधवार को विवि के रजिस्ट्रार को मेल करके डिग्रियों की जांच करके तत्काल रिपोर्ट मांगी है। विवि के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच में सरकारी नौकरी करने वाले दोनों व्यक्तियों की डिग्री फर्जी मिली है। इसकी रिपोर्ट बृहस्पतिवार को कुलसचिव कार्यालय छतरपुर की पुलिस को भेजेगा।

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विवि के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि उड़ीसा सरकार ने द्वितीय ग्रेड की सरकारी नौकरियों की भर्ती निकाली थी, जिसमें महिला सुधा रानी और अरुणा कुमार ने सीसीएसयू के फर्जी एमएसडब्ल्यू की डिग्री के आधार पर नौकरी प्राप्त कर ली। सुधा रानी और अरुणा कुमार कई माह से सरकारी नौकरी कर रहे थे, तभी किसी ने दोनों की फर्जी डिग्री होने की सूचना विभाग को दी। जब विभाग की तरफ से दोनों डिग्रियों की प्राथमिक जांच कराई गई तो मामला संदिग्ध निकला और छतरपुर पुलिस को सूचित कर दिया गया।

विवि के अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को रजिस्ट्रार की मेल आईडी पर छतरपुर से डिप्टी एसपी ने दोनों की मार्कशीट और डिग्रियां भेजकर तत्काल जांच रिपोर्ट मांगी है।

सूत्र बताते हैं कि प्राथमिक जांच में सुधा रानी और अरुणा कुमार के भेजे गए सभी शैक्षिक प्रमाणपत्र फर्जी निकले हैं, जिसकी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। बृहस्पतिवार को कुलपति कार्यालय अपनी जांच रिपोर्ट भेज देगा।

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प्री-पीएचडी कोर्स वर्क की मार्कशीट निकली फर्जी
सीसीएसयू के पास जनसूचना अधिकार के तहत जांच के लिए प्री-पीएचडी कोर्स वर्क की दो मार्कशीट भेजी गई हैं। पश्चिम बंगाल से भेजी गई एक मार्कशीट गौरंग विश्वास और दूसरी अदिति बनर्जी की है। फर्जी मार्कशीट के अनुसार दोनों ने ही एजुकेशन में 2021 में प्री-पीएचडी कोर्स वर्क किया है। गोपनीय विभाग के अनुसार दोनों ही प्री-पीएचडी कोर्सवर्क की मार्कशीट जांच में फर्जी निकली हैं।

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