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खून का बदला खून: एलानिया कत्ल से दहल उठा था पूरा गांव, जेल से जमानत पर आए भाइयों ने अंकित को दी दर्दनाक मौत

Mon, 04 Dec 2023 05:34 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ

सार

Meerut Murder Case : मेरठ में हस्तिनापुर के लुकाधड़ी गांव में खून का बदला खून करके लिया गया। गांव में तीन साल पहले हुई विनोद सैनी की हत्या से रंजिश पनप गई थी।
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अंकित की हत्या के बाद विलाप करते परिजन। - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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मेरठ के हस्तिनापुर में कूड़ी डालने को लेकर हुए मामूली विवाद में तीन साल पहले हुई विनोद सैनी की हत्या से गांव में रंजिश पनप गई थी। विनोद के भाइयों ने कसम खाई थी कि वह खून का बदला खून से लेंगे। चार दिन से आरोपी जान से मारने की धमकी दे रहे थे। परिजन हस्तिनापुर थाने के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। नतीजा ये हुआ कि हत्यारोपियों ने अंकित की हत्या करके अपना बदला पूरा कर लिया।

हस्तिनापुर के लुकाधड़ी गांव में तीन साल पहले कूड़ी डालने के मामूली विवाद में ठाकुर और सैनी समाज के दो परिवार के बीच रंजिश इतनी बढ़ी कि खून-खराबा हो गया। 29 अप्रैल 2020 को विनोद सैनी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस हत्या में मृतक अंकित चौहान, उसका भाई अभिषेक, सोनू, मोनू और पिता कंवरपाल जेल गए थे। एक साल पहले सभी आरोपी जमानत पर छूटकर आ गए। तब से अंकित सोनीपत में नौकरी कर रहा था और उसका भाई अभिषेक रुड़की में नौकरी करता है। दोनों कभी-कभार ही गांव आते थे।

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विनोद सैनी सात भाई थे। आरोपियों के जमानत पर छूटने के बाद विनाेद के भाई और भतीजे रंजिश रखे हुए थे। उन्होंने गांव में कहा था कि जेल से तो जमानत पर छूटकर आ गए हैं, लेकिन हमारी अदालत में मौत की सजा मिलेगी। खून का बदला खून करके लेंगे। एक महीने पहले विनोद के परिवार के कुछ युवकों के फोटो सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ वायरल हो गए थे। जिसमें अभिषेक पक्ष की तरफ से थाने में शिकायत की गई थी।

पुलिस ने इसमें एक ही आरोपी को जेल भेजा और बाकी के पास नकली हथियार होने की बात कहकर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। पुलिस की इस लापरवाही से आरोपियों का हौसला बढ़ गया। इसके बाद से वे अंकित और अभिषेक को मारने की प्लानिंग करने लगे थे। शनिवार को जब मृतक अंकित पत्नी और बच्चों को छोड़ने घर आया तो गांव में इसकी जानकारी विनोद के भाई मुकेश सैनी और भतीजे अरिहंत सैनी, बबलू सैनी और उदयवीर सैनी को लग गई। इसके बाद उन्होंने हत्या की योजना बना ली। रविवार सुबह 10 बजे जब अंकित बाइक से निकला तो उसे गांव के बाहर घेरकर मौत के घाट उतार दिया।

गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस तैनात
गांव में ठाकुर समाज का एक ही घर है। 20 घर सैनी समाज के हैं। बाकी कश्यप और सिख समाज के लोग हैं। ऐसे में पुलिस ने माहौल न बिगड़े इसको लेकर पुलिस तैनात कर दी गई है। आरोपियों के परिचितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस लापरवाही नहीं करती तो बच जाता अंकित
मृतक अंकित की पत्नी अंजू अपने दो बच्चे देव और देविका के साथ थाने के मुख्य गेट पर धरने में बिलख रही थी। उसने बताया कि अंकित मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहा था। अब उसके बेटे-बेटी की परवरिश कौन करेगा। पत्नी रोते हुए यही कहती रही कि थाना पुलिस सुन लेती तो आज उसका सुहाग नहीं उजड़ता। अंकित के भाई अभिषेक ने बताया कि हत्यारोपी कई दिन पहले हत्या का एलान करते हुए उनके घर पहुंच गए थे। उन्होंने थाना प्रभारी ने इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। थाने के बाहर धरने पर बैठे लोगों का कहना था कि थाना प्रभारी रमेश चंद्र शर्मा की लापरवाही से सारी घटना हुई, ऐसे में उनको सस्पेंड किया जाए।

सोशल मीडिया पर गरमाया मामला
अंकित के भाई अभिषेक चौहान ने सोशल मीडिया पर अंकित के शव का फोटो डाला है। इसमें उसने लिखा है कि कल सभी भाई उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से हस्तिनापुर पहुंचे और ताकत दिखा दें। मेरे भाई को धोखे से मार दिया। हस्तिनापुर पुलिस की मिलीभगत से मेरे भाई की हत्या की गई है। सभी से निवेदन है कि कल हस्तिनापुर में आ जाएं। इस पोस्ट पर ठाकुर समाज के लोगों में बड़ा रोष है। राजपूत करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप चौहान का कहना है कि जब तक पुलिस प्रशासनिक उच्च अधिकारी थाना प्रभारी और दरोगा पर कार्रवाई नहीं करेंगे, आरोपियों की गिरफ्तार नहीं होने तक आंदोलन किया जाएगा।

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जब तक नहीं मिलेगा इंसाफ तब तक करेंगे अंतिम संस्कार
पुलिस ने अंकित के शव का पोस्टमार्टम कराकर रात को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी और थानाध्यक्ष पर कार्रवाई करने के लिए परिजनों से 72 घंटे का समय मांगा है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस, पीएसी और फायर बिग्रेड की गाड़ियों को तैनात किया है।

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