सरकारी कर्मचारी घोषित किए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर मेरठ में आशा कार्यकत्री लगातार आंदोलन कर रही हैं। समाधान न निकलने पर आज उन्होंने सीएमओ कार्यालय के बाहर जाम लगा दिया।
मेरठ में सरकारी कर्मचारी घोषित किए जाने व अन्य मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियों ने सीएमओ दफ्तर के सामने जाम लगा दिया। उनका कहना था कि जब तक सीएमओ उनसे बात नहीं करेंगे वे यहां से नहीं हटेंगी। सीएमओ के वार्ता करने के आश्वासन पर ही आशा कार्यकत्रियों ने जाम खत्म किया। वहीं आशा कार्यकत्रियों के जाम लगाने के कारण 40 मिनट तक यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई।
विज्ञापन
सरकारी कर्मचारी घोषित किए जाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आशा कार्यकत्री लगातार आंदोलन कर रही हैं। कोई समाधान न निकलते देख आशा कार्यकत्रियों का सोमवार को आक्रोश फूट पड़ा और वह कमिश्नरी पर धरना देने के बाद सीएमओ कार्यालय पहुंच गई।
उन्होंने सीएमओ कार्यालय के बाहर जाम लगा दिया। इसकी सूचना पाकर महिला थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गई। सिविल लाइन पुलिस को भी बुला लिया गया। करीब 40 मिनट तक अफरा-तफरी मची रही।
आशा कार्यकत्रियों का कहना था कि जब तक सीएमओ उनसे बात करने नहीं आएंगे वह धरने से नहीं हटेगी। इस बीच सीएमओ ने एक दल को वार्ता के लिए अपने पास बुलाया, जिसके कुछ देर बाद आशा कार्यकत्रियों ने जाम खोल दिया।
इस दौरान यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। लोगों को बीच रास्ते ही रोक दिया गया। मवाना अड्डे की ओर आने वाली बसें पहले ही सवारियों को उतार कर लौट गई।