मेरठ में हवाई उड़ान की संभावनाओं की जानकारी करने के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की टीम ने दूसरे और तीसरे दिन भी सर्वे किया। उन्होंने मेरठ में एमडीए द्वारा निर्मित किए गए एयरपोर्ट एनक्लेव की छत पर जाकर रनवे को देखा।
इस स्थान से हवाई जहाज के उतारने के मानकों को रिपोर्ट में दर्ज किया जाएगा। टीम आठ जुलाई तक अपनी रिपोर्ट तैयार कर दिल्ली स्थित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण को सौंपेगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया के लिए अन्य विभागों की टीम डाक्टर भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी का दौरा करेंगी।
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अभी एयरोनॉटिकल सर्वे (वैमानिकी सर्वेंक्षण) को गोपनीय रखा जा रहा है। एएआई की टीम रिपोर्ट के किसी भी बिंदु को बताने में परहेज कर रही है। टीम के सदस्यों का कहना है कि इस रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
इसमें कई तरह के तकनीकी पहलू होते हैं, जिन्हें सार्वजनिक करने से सर्वे में अड़चनें पैदा हो सकती है। टीम में एसोसिएट कंसलटेंट आर.आर शर्मा, सीनियर जीआईएस एनॉलिस्ट योगेंद्र कुमार, मो.आमिर शामिल हैं। तीनों ही सदस्य अपने-अपने स्तर से एक-एक पोजीशन को रिपोर्ट में शामिल कर रहे हैं।
शताब्दीनगर सेक्टर-फोर सीई में पहले ही दे रखा नोटिस
अगर हवाई उड़ान पर आगे संभावनाएं बनती है तो शताब्दीनगर सेक्टर-फोर सीई में मकानों को हटाया जा सकता है। आठ महीने पहले नोटिस देने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। डा.भीमराव आंबेडकर हवाई पट्टी के ठीक पीछे बने एयरपोर्ट एनक्लेव पर भी फैसला आएगा। इसके अलावा शताब्दीनगर की ओर हाइटेंशन लाइन, गगोल सरोवर पर भी निर्णय लिया जाएगा। रिपोर्ट में यह तय किया जाएगा।