मेडिकल में मारपीट मामला
पीड़ित परिवार ने दर्ज कराए बयान, बोले- चिकित्सकों ने पीटा, मुश्किल से बची जान
- तीन सदस्यीय समिति कर रही है जांच
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज के मारपीट मामले में शुक्रवार को जांच समिति के सामने पीड़ित देवेंद्र और दीपक ने बयान दर्ज कराए। कहा कि वे पांच साल के कुणाल का इलाज कराने कमालपुर गांव से मेडिकल इमरजेंसी आए थे। इलाज के दौरान कहासुनी होने पर चिकित्सकों ने उनके साथ मारपीट की। उन्हें खूब पीटा। मुश्किल से उनकी जान बची। डॉ ज्ञानेश्वर टोंक की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय समिति ने बयान लिए। इस दौरान प्रधानाचार्य डॉ आरसी गुप्ता भी मौजूद रहे। वहीं, पीड़ितों के साथ छात्र नेता विनीत चपराना आए थे।
23 अक्तूबर 2023 की रात 8:30 बजे मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मारपीट हुई थी। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था। प्रधानाचार्य डॉ आरसी गुप्ता ने वीडियो का संज्ञान लेते हुए तीन जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों को अग्रिम आदेशों तक निलंबित किया था। साथ ही डॉ ज्ञानेश्वर टोंक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। आदेशित किया था कि समिति तीन कार्य दिवस में जांच आख्या प्रधानाचार्य को प्रेषित करेगी। बुधवार को जांच समिति ने जूनियर रेजिडेंट चिकित्सकों, सिक्योरिटी गार्ड, कमरा नंबर 16 में उपस्थित मरीजों, घटना के चश्मदीद व प्रत्यक्षदर्शियों से लिखित और मौखिक बयान दर्ज किए थे। हालांकि पीड़ित परिवार के बयान नहीं हुए थे। इस कारण जांच रिपोर्ट देना का बृहस्पतिवार को तीन दिन के लिए समय बढ़ा दिया गया था। दूसरी तरफ़ इस मामले में पुलिस भी जांच कर रही है। चार जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज है और उन पर एससीएसटी एक्ट भी लगाया जा चुका है। हालांकि मेडिकल प्रबंधन का यह भी कहना है कि एक आरोपी चिकित्सक खुद एससी समाज से ताल्लुक रखता है।