मेडिकल में दो मरीज़ों की बढ़ी हुई धड़कनों का किया इलाज
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी विधि द्वारा जांच और रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन विधि से सफल ऑपरेशन कर दो मरीज़ों की बढ़ी हुई धड़कनों का इलाज किया गया।
मेडिकल के मीडिया प्रभारी डॉ वीडी पाण्डेय ने बताया कि कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी दिल की गतिविधि के आकलन में सहायक होती है, जिससे समय पर दिल की धड़कनों में गड़बड़ी की पहचान हो पाती है। मरीज उषा देवी को पिछले कुछ महीनों से कभी कभी घबराहहट और चक्कर आ रहे थे। मरीज की धड़कन भी बहुत बढ़ जाती थी। इनका यहां इलाज किया गया। मरीज आयुष्मान लाभार्थी हैं। डॉ धीरज सोनी, डॉ शशांक पांडेय की टीम ने उपचार किया। इसी तरह की बीमारी राजेंद्र को थी। इनका भी इलाज इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी विधि द्वारा जांच तथा रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन विधि द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया।
डॉ धीरज सोनी ने बताया कि दिल के अंदर तार डाल कर धड़कन के बारे में पता किया जाता है इसे इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी स्टडी कहते हैं। रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेशन विधि द्वारा मरीज की धड़कन नियंत्रित हो की जाती है। यह एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी के तरह ही किया जाता है। इस प्रक्रिया में पतले कैथेटर रक्त वाहिकाओं द्वारा अंदर हृदय में डाला जाता है। ज्यादातर यह पैर की रक्त की नलियों के माध्यम से स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत किया जाता है।