कोरोना से दिशाहीन हो गए सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट
मेरठ। एक तरफ कोरोना और दूसरी तरफ पंचायत चुनाव की वजह से प्रदेश सरकार के प्रमुख प्रोजेक्ट दिशाहीन हो गए है। पंचायत चुनाव खत्म होने के बाद प्रोजेक्ट की गति बढ़ाने को लेकर जो उम्मीदें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब कोरोना की बढ़ती रफ्तार के कारण ब्रेक लग गया है। कई प्रमुख प्रोजेक्ट अभी भी धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।
कोरोना की रफ्तार कम होने के बाद ही गंगा एक्सप्रेसवे, खेल विवि सहित अन्य विकास कार्य शुरू हो पाना संभव हैं। इससे पहले कार्यालयों में कोई कार्य नहीं हो पाने के कारण सीधा असर पड़ता दिखाई देने लगा है। सभी अधिकारियों का सीध ध्यान कोरोना को रोकना है। इसके बाद ही प्रोजेक्टों की गति पर ध्यान दिया जाएगा। मई से जून के बीच सरकार इन प्रोजेक्टों के शिलान्यास करने की तैयारी में थी, लेकिन अब इसका इंतजार और बढ़ गया है।
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इस स्थिति में हैं प्रोजेक्ट
गंगा एक्सप्रेसवे - अभी जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया नहीं पूरी हुई है। किसानों के साथ बैनामे आदि की प्रक्रिया अटकी है। वहीं, धरातल पर कार्य शुरू होने में एक वर्ष लग जाएगा। शासन की तरफ से भी निर्माणाधीन एजेंसी का चयन नहीं हुआ है। जिससे धरातल पर कार्य शुरू हो सके।
कांवड़ नहर पटरी - सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इस पर प्रारंभिक कार्य शुरू हुआ था लेकिन पंचायत चुनाव और कोरोना के कारण अटक गया है। जिससे इस प्रोजेक्ट ीपर भी कोरोना का साया है।
खेल विवि- लखनऊ से एजेंसी का चयन होना है। इसके बाद ही निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग की देखरेख में होगा। अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। सरधना के सलावा में खेल विवि बनाने की घोषणा की जा चुकी है।