बताया गया कि यह युवक दोपहर करीब 01:15 बजे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचा, जहां कार्यालय में तैनात कर्मचारियों से उसने कहा कि मैंने जहर खा लिया है, मुझे अधिकारियों से बात करनी है। इस पर कर्मचारियों द्वारा कार्यालय में मौजूद एसपी क्राइम को इस मामले की जानकारी दी गई।
बताया गया कि जहरीले पदार्थ का सेवन करने से पहले एसपी ट्रैफिक जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने उसकी समस्या सुनी थी। एसपी ट्रैफिक और एसपी क्राइम द्वारा युवक से वार्ता के उपरांत उसे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया था। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
जाहिर है, यदि अफसर मामले में गंभीरता दिखाते तो युवक की जान बच सकती थी, लेकिन एसएसपी ऑफिस पर भी सुनवाई खानापूर्ति बनकर रह गई और युवक जान से हाथ धो बैठा। युवक की मौत की जानकारी लगते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया।