आखिरी बार चार साल पहले आए थे घर
पिता राकेश ने बताया कि एकेश्वर बाखिरी बाद चार साल पहले घर आए थे। इसके बाद से अपने काम में ही व्यस्त हैं। मेरठ में उनका आना कम ही होता है। उनका छोटा भाई क्षितिज भी एनिमेशन के क्षेत्र से जुड़ा है और डोंबीवली में नौकरी कर रहा है। वहीं, मां सुमन चौधरी ने बताया कि बेटा थोड़ा शर्मिला है। वह अपने काम में भी काफी खो जाता है। शुरुआत से आर्ट का शौकीन रहा है। उसकी कामियाबी देखकर बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं। बेटे द्वारा एडिट की हुई मूवी ने देश के लिए इतिहास रच दिया है।
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पहले भी इन प्रोजेक्टर पर किया है काम
एकेश्वर को शुरुआत से ही डॉक्यूमेंट्री और शॉर्ट मूवी करने का शौक है। पिता के अनुसार, वह बड़ी फिल्म नहीं करना चाहते हैं। इससे पहले उन्होंने फिल्म द गोल्डन बॉयज(2017), सिटी फार्मर(2021), ए सूटेबल गर्ल(2017) में भी कार्य किया है। इन फिल्मों को आईएमडीबी पर भी काफी अच्छी रेटिंग मिल चुकी है।