धान के लिए पंजीकरण में 300 किसानों की जानकारी गलत
मेरठ। मेरठ मंडल में भले ही अभी तक धान खरीद ने गति न पकड़ी हो, लेकिन धान खरीद के लिए कराए जा रहे पंजीकरण में करीब 300 किसानों की ओर से दी गई जानकारी गलत मिली है। इनके सत्यापन में खसरा खतौनी में नाम और बताई गई जमीन का अंतर मिला है। ऐसे किसानों ने अभिलेख दुरुस्त कराकर दोबारा पंजीकरण के लिए कहा गया है। रिपोर्ट सही न होने तक किसानों से धान खरीद नहीं की जाएगी।
शासन ने इस साल मंडल को 5400 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य आवंटित किया है। किसान को विभाग के निर्धारित पोर्टल पर पंजीकरण कराना है। फर्जीवाड़े को रोकने के लिए इस पोर्टल में किसान से जमीन की खसरा-खतौनी भी अपलोड कराई जा रही है। किसान यह भी जानकारी देता है कि कुल जमीन में से कितनी जमीन पर उसने धान की खेती की है। फर्जीवाड़ा रोकने के लिए पंजीकृत किसान की जानकारी का सत्यापन कराया जाता है।
संभागीय खाद्य नियंत्रक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार मंडल में 13 अक्तूबर तक 1323 किसानों ने पंजीकरण कराया है। इनमें से 291 किसानों की जानकारी में त्रुटि मिली है। किसी किसान के नाम में अंतर मिला है तो किसी की जमीन का रकबे में गड़बड़ी मिली है।
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इस तरह तय किया गया धान खरीद का लक्ष्य
- शासन ने मंडल को 5400 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य दिया है। इसमें बुलंदशहर को सर्वाधिक 2900 मीट्रिक टन और मेरठ को 1000 टन मीट्रिक टन लक्ष्य मिला है। हापुड़ व गौतमबुद्धनगर को 700-700 मीट्रिक और गाजियाबाद को 50 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य मिला है।
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अभी धीमी है धान खरीद की गति
- अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा मेरठ मंडल में धान की कटाई देरी से होती है। आरएफसी कार्यालय के अनुसार कुल 37 खरीद केंद्रों में से तीन से चार केंद्रों पर ही धान की खरीद शुरू हो सकी है। बाकी केंद्रों पर अभी तक धान नहीं पहुंच सका है। 20 अक्तूबर के बाद ही धान खरीद में तेजी आने की उम्मीद है।
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धान खरीद के लिए पंजीकृत किसानों का सत्यापन जारी है। इनमें काफी जानकारियां गलत निकल रही हैं। इन्हें दुरुस्त करने को कहा गया है। जिन किसानों की दी गई जानकारी सही मिलेगी, उन किसानों से ही धान खरीद की जाएगी।
दिनेश चंद्र मिश्रा, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी मेरठ।