किसानों ने पराली या पत्ती जलाई तो भुगतना होगा दंड
मवाना। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए बृहस्पतिवार को उप कृषि निदेशक ने बैठक कर ब्लॉक अधिकारियों और लेखपालों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। कहा कि पराली या गन्ने की पत्ती जलाए जाने पर दंड लगाया जाएगा।
तहसील सभागार में हुई बैठक में उप कृषि निदेशक बृजेश चंद ने बताया कि फसल अवशेष प्रबंधन अर्थात फसल अवशेष पराली, गन्ने की पत्ती जलाने पर 2 एकड़ तक 25 सौ रुपये, 2 एकड़ से 5 एकड़ तक 5 हजार रुपये तथा पांच एकड़ से अधिक पर 15 हजार रुपये दंड का प्रावधान सरकार द्वारा निर्धारित किया गया है। जो किसान पत्ती/पराली जलाते हुए पाया जाएगा, उसको उपरोक्त दंड देना होगा।
उन्होंने बताया कि मल्चर कृषि यंत्र से पराली काटकर तथा फसल अवशेष को कंपोस्ट खाद में परिवर्तित करने के लिए डी कंपोजर से सात दिन में कंपोस्ट खाद तैयार की जा सकती है।
गन्ना सोसायटी, राजकीय कृषि बीज भंडार से डी कंपोजर को प्राप्त कर सकते हैं। तहसीलदार रामचंद्र ने कहा कि किसान फसल अवशेष का सही प्रबंधन करें ताकि प्रदूषण फैलने से रोका जा सके। बैठक में जितेंद्र कुमार नायब तहसीलदार, रजिस्ट्रार कानूनगो सविका शर्मा, कृषि विभाग, गन्ना विभाग, विकास खंड से सचिव, राजस्व विभाग से लेखपाल आदि मौजूद रहे।