गंगा खादर में रहने वाले ग्रामीणों की फसल बर्बादी से परिवारों के बीच खाने पीने के लाले पड़ गए। जिसका सीधा असर दिलो दिमाग पर छाने से मन में गंगा खादर के लोगों की मदद करने की योजना के तहत नाव बनाने का कार्य शुरू कर दिया।
नाव को गंगा खादर में जीवन यापन करने वाले किसान मजदूरों को बहुत कम दाम में बनाकर दिया जाता है। उत्तराखण्ड राज्य जोगावाला, दाबकी, भैंसाली हरिनगर आदि सहित गांव खुशीपुरा, इंछावाला आदि सहित गंगा खादर में खेतीबाड़ी करने वाले किसानों को सैकड़ों नाव बनाकर दे चुके हैं।
नाव बनाने में मेहरबान के साथ उनका शिष्य उवैश मदद करता है। नाव को गुल्लर, हल्दु (पहाड़ी लकड़ी), यूकेलिप्टस आदि की लकड़ी से बनाकर तैयार किया जाता है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/