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बाढ़ से जूझते परिवारों को देख किसान ने लिया नाव बनाने का फैसला, बचा रहे सैकड़ों जिंदगियां

Thu, 27 Aug 2020 11:55 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क,अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
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farmer making boat - फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में गंगा खादर में बसे ग्रामीणों का बाढ़ के दौरान जीवन को सुरक्षित रखने के लिए नाव जीवनदायनी होती है। कस्बा भोकरहेडी निवासी मेहरबान ने ग्रामीणों के लिए सैकड़ों नाव बनाने का कार्य कर चुके हैं। इनकी बनी नावों ने गंगा खादर मे सैकड़ों मानव,पशुओं की जिंदगी बचाने महत्वपूर्ण भुमिका निभाई है।

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विकास खंड मोरना के कस्बा भोकरहेडी मोहल्ला पठानान निवासी किसान मेहरबान पुत्र छोटा को लकड़ी की कारीगरी करने का शौक बचपन से था। जिसके चलते अब वह शौक पानी में डूबती जिंदगी के लिए पतवार रुपी सहारा बन गया है।

पेशे से किसान और लकड़ी कारीगर मेहरबान ने बताया कि गंगा खादर में रहने वाले किसान मजदूरों ने साल 2010 के बाद गंगा में आई बाढ़ से भारी नुकसान के साथ मानव, पशुओं को जिंदगी से जूझते और परिवारों को उजड़ते देखा।

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गंगा खादर में रहने वाले ग्रामीणों की फसल बर्बादी से परिवारों के बीच खाने पीने के लाले पड़ गए। जिसका सीधा असर दिलो दिमाग पर छाने से मन में गंगा खादर के लोगों की मदद करने की योजना के तहत नाव बनाने का कार्य शुरू कर दिया।

नाव को गंगा खादर में जीवन यापन करने वाले किसान मजदूरों को बहुत कम दाम में बनाकर दिया जाता है। उत्तराखण्ड राज्य जोगावाला, दाबकी, भैंसाली हरिनगर आदि सहित गांव खुशीपुरा, इंछावाला आदि सहित गंगा खादर में खेतीबाड़ी करने वाले किसानों को सैकड़ों नाव बनाकर दे चुके हैं।

नाव बनाने में मेहरबान के साथ उनका शिष्य उवैश मदद करता है। नाव को गुल्लर, हल्दु (पहाड़ी लकड़ी), यूकेलिप्टस आदि की लकड़ी से बनाकर तैयार किया जाता है।

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