मेरठ के हस्तिनापुर में बुधवार देर रात से शुरू हुई बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में हुई प्री-मानसून की पहली बारिश से लोगों को राहत मिली है तो वहीं गंगा के आसपास खेती करने वाले किसान चिंतित हो गए हैं। किसानों का मानना है कि अगर ज्यादा बारिश पड़ेगी तो गंगा का जलस्तर बढ़ जाएगा और गंगा उफान पर आ जाएगी। वहीं गंगा के उफान पर आने से गंगा किनारों पर खड़ी उनकी फसल फिर बर्बाद हो हो जाएगी।
बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि गुरुवार शाम को गंगा का जलस्तर छह हजार क्यूसेक से बढ़कर 23 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया है। उधर, गंगा का जलस्तर बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा के आसपास के गांव के लोगों को अलर्ट कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश को देखते हुए हस्तिनापुर क्षेत्र में बाढ़ चौकी बनाकर उन पर अधिकारी तैनात किए गए हैं। साथ ही गंगा में बढ़ने वाले जलस्तर पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा गंगा के जलस्तर की हर घंटे की रिपोर्ट जिला मुख्यालय में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। उधर, गंगा किनारों पर खेती करने वाले किसान गंगा के बढ़ते जलस्तर से चिंतित हो गए हैं। किसान अंदेशा जता रहे हैं कि अगर यह बारिश एक-दो दिन तक लगातार पड़ती है तो गंगा अचानक उफान पर आ सकती है, जिससे किनारों पर खड़ी उनकी फसल एक बार फिर बर्बाद हो जाएगी।
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हस्तिनापुर क्षेत्र में कच्चे तटबंध के क्षतिग्रस्त होने से आसपास के क्षेत्र के गांव के ग्रामीण भी चिंतित हैं, जो लगातार प्रशासनिक अधिकारियों से समय रहते हुए तटबंध को दुरुस्त करने की मांग कर रहे हैं।