पांडव टीले पर शनिवार को मिला प्राचीन अवशेष जिसमें अनेक आकृति बनी मिलीं।
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हस्तिनापुर(मेरठ) प्राचीन पांडव टीले पर बने पुरातत्व विभाग के कार्यालय के समीप उलटा खेड़ा टीले की चार दीवारी के पास सफाई का कार्य चल रहा है। शनिवार को टीले पर बस्ती की तरफ सफाई के दौरान कई प्राचीन अवशेष प्राप्त हुए।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा यहां तैनात कर्मचारी अरविंद राणा को प्राचीन अवशेष मिले हैं। नेचुरल साइंसेज ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं शोभित विवि के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रियंक भारती का कहना है प्राप्त अवशेषों में बोटल लीड, मुगलकालीन अवशेष हैं। जिनमें एक अवशेष पर आकृति बनी हुई है। प्रियंक का कहना है कि 1950-52 में टीले पर उत्खनन के लिए 4 ट्रेंच लगाए गए थे। जहां से ये अवशेष प्राप्त हुए है एक ट्रेंच यहां भी था। 1950-52 में हुए उत्खनन में इस तरह की पॉटरी को डॉ. बीबी लाल ने कालखंड 4 में रखा था जो कि कुषाण और शुंग काल को दर्शाती है। इस कालखंड में ॐ सतिया सहित फूलों की आकृतियां पॉटरी पर उकेरी जाती थी। उत्खनन रिपोर्ट के पेज 70 पर इस तरह की पॉटरी देखी जा सकती है। अरविंद राणा ने सभी अवशेषो की जानकारी विभाग के अधिकारियों को दे दी है।
रिपोर्ट भेजी
शुक्रवार को रघुनाथ महल के समीप प्राचीन मृदभांडो सहित हड्डियों के अवशेष मिले थे। प्रियंक भारती ने बताया कि इन सभी की रिपोर्ट प्रह्लाद सिंह पटेल, सांस्कृतिक मंत्री भारत सरकार एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की महानिदेशक सहित चेयरमैन नेशनल मोन्यूमेंट अथॉरिटी, नई दिल्ली को भेज दी गई है।
हस्तिनापुर स्थित पांडव टीले पर मिले प्राचीन अवशेष दिखाते कर्मचारी।- फोटो : MAWANA