उन्होंने कहा कि ज्ञानवापी को मस्जिद बताकर 70 साल तक देश की जनता को गुमराह किया गया। साध्वी प्राची ने कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद नहीं मंदिर है। विपक्ष के गठबंधन पर कहा कि इंडियन मुजाहिदीन भी इंडिया है।
ईस्ट इंडिया देश में आई थी, उसने भारत को लूटा। अब यह गठबंधन आया है। जनता सब जानती है। उन्होंने इस दौरान बरेली में कांवड़ यात्रा के दौरान बवाल के बाद एसएसपी प्रभाकर चौधरी के तबादले, यूनिफॉर्म सिविल कोड, लव-जिहाद आदि पर भी अपने विचार रखे।