सुबह 7:30 बजे गंगा में 15 जिंदगियों को डूबता देखकर स्टीमर लेकर हरीश और सतपाल उतर गए। दोनों ने एक के बाद एक छह लोगों की जान बचाई। गंगा में नाव पलटने की जानकारी लगते ही आसपास के गांव के सैकड़ों लोग भीकुंड गंगा घाट पहुंचे। गांव का हर व्यक्ति डूबते लोगों को बचाने के लिए जुटा था। मशक्कत के बाद 13 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
वहीं पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने राहत के लिए गोताखोरों को लगाया दिया। मोनू शर्मा का शव गंगा से निकाला। बाद में एनडीआरएफ की टीम ने लोगों के साथ गंगा में गिरी चार बाइक को ढूंढा, लेकिन लापता शिक्षक का सुराग नहीं लगा।