नाव हादसे के बाद भाजपा, सपा, बसपा, रालोद, भाकियू नेता सहित कई लोगों की भीड़ हस्तिनापुर में गंगा पर उमड़ गई। हर कोई गंगा से सकुशल निकले लोगों से बात करने को बेताब था।
इस दौरान सबका एक जैसा सवाल था कि कैसे जान बची और अभी गंगा में कितने लोग डूबे हैं। उन्होंने कहा कि मौत को करीब से देखा है। लगा था कि जान नहीं बचेगी। दूसरा जीवन मिला है।