मदर्स डे पर बेटियों का हुआ जन्म
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अब बेटी-बेटे में फर्क कहां : नौशाबा
लखीपुरा की रहने वाली नौशाबा भी दूसरी बार मां बनी हैं। उनके बेटी का जन्म हुआ है। पहले उनके बेटा है। नौशाबा कहती हैं कि अब बेटे और बेटी में फर्क नहीं रह गया है। लोग जागरूक हो गए हैं। बेटी को भी बेटे की तरह ही परवरिश करते हैं। वह भी बेटी की अच्छे से परवरिश करेंगी।
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पहली बार बनी मां, शब्दों में बयां नहीं कर सकती खुशी
शेखपुरा की रहने वाली पायल पहली बार मां बनी हैं। उन्होंने बेटी को जन्म दिया है। पायल ने कहा कि मां बनने के सुख के बारे में क्या कहूं। इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती। जिम्मेदारी और ममता का अहसास हो रहा है।