उन्होंने कहा कि बेटियों के कुपोषण की वजह परिवार है। बेटों को दूध पिलाने और बेटियां यूं ही बड़ी हो जाएगी जैसी सोच छोड़नी होगी। स्कूली छात्राओं को समय-समय पर महिला अस्पताल में दिखाएं। उन्हें स्वास्थय के प्रति जागरूक करें।
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जिला अस्पताल का भ्रमण के दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने किया टीबीग्रस्त बच्चों को अधिकारियों और सामाजिक संगठनों को गोद लेने के दिए गए निर्देश। जिले में ऐसे बच्चों की संख्या 226। महिलाओं से भी बातचीत की। इसके बाद राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने गेस्ट हाउस में किसानों, समाजसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों से की मुलाकात। किसानों की सफलता की कहानियों के विषय में जाना।
सिसाना स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र, कोतवाली और जीआईसी में भी राज्यपाल के स्वागत की तैयारियां की गईं थी लेकिन वह यहां निरीक्षण करने नहीं पहुंची।